BHU में पीपल और बरगद की पूजा पर रोक लगाने की मांग का मामला सामने आया है। BHU के कर्मचारी ने कुलपति को पत्र लिखकर कैंपस में लगे पीपल और बरगद के पेड़ की पूजा पर रोक लगाने की मांग की है। सोशल मीडिया पर बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी का एक लेटर वायरल हो रहा है, जिसमें पीपल और बरगद के पेड़ पर धागा बांधने और दिया जलाने पर रोक लगाने की मांग की गई है।
बताया जा रहा है कि BHU के कुलपति को चिट्ठी लिखकर बताया गया कि इससे पेड़ों को नुकसान होता है। रोक लगाने के पीछे वृक्षों के संरक्षण का हवाला दिया गया है।
पेड़ों पर धागा बांधने और दीया जलाने से पेड़ों को नुकसान का खतरा!
पेड़ों पर धागा बांधने और दीया जलाने से पेड़ों को नुकसान पहुंचने का खतरा बताया गया है। सेंट्रल ऑफिस में तैनात कर्मचारी ने पत्र लिखकर इस मुद्दे पर को सामने रखा है।
'धागा छाल में घुसकर पेड़ की वृद्धि को रोकता है और संक्रमण फैलाता है'
कुलपति को लिखे गए पत्र में लिखा है कि 'सविनय निवेदन है कि बीएचयू कैंपस में स्थित पीपल एवं बरगद के पेड़ पर्यावरण संरक्षण एवं ऑक्सीजन उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। किंतु कुछ लोग धार्मिक भावना से इन पेड़ों पर धागा (कलावा व मौली) बांधते हैं एवं दीया जलाते हैं, जिससे पेड़ों को गंभीर क्षति पहुंचती है। धागा छाल में घुसकर पेड़ की वृद्धि को रोकता है और संक्रमण फैलाता है। जबकि दीया जलाने से छाल जलती है एवं जड़ प्रदूषित होती है, वैज्ञानिक रूप से यह पेड़ों की आयु एवं स्वास्थ्य को हानि पहुंचाता है।
पत्र को लेकर कैंपस का माहौल गर्मा गया है
वहीं इस पत्र को लेकर कैंपस का माहौल गर्मा गया है। इसे लेकर छात्रों और प्रोफेसरों में गुस्सा भड़क गया है। संस्कृत विभाग के प्रोफेसर ने पत्र लिखने वाली की मंशा पर सवाल उठाए हैं और इस पत्र को सनातन विरोधी बताया है।
पत्र पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
इस पत्र पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर उचित बता रहे हैं वहीं कुछ इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।
