Punjab Latest News: पंजाब में कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि गुरुवार (28 सितंबर, 2023) को उनके खिलाफ बड़ा एक्शन हुआ। सुबह साढ़े छह बजे के आसपास चंडीगढ़ में सेक्टर-पांच स्थित उनके आवास पर पुलिस की टीम अचानक धमक पड़ी। इस दस्ते ने वहां पहले दबिश दी, जिसके बाद खैरा को हिरासत में लेते हुए टीम अपने साथ उठा ले गई।
एसपी रैंक के ऑफिसर के नेतृत्व में फाजिल्का पुलिस की टीम उनके घर इस ऑपरेशन के तहत पहुंची थी। सुबह पुलिस वाले जब उनके बेडरूम में घुस आए थे तब भी खैरा ने कड़ा विरोध किया था। पुलिस दस्ते को देखते ही खैरा बुरी तरह झल्ला गए और पुलिसिया एक्शन पर सवाल उठाने लगे। उन्होंने इस दौरान राज्य सरकार पर कथित मनमानी करने का आरोप लगाया। उनके फेसबुक लाइव में दावा किया गया कि उन्हें सियासी हिसाब-किताब बराबर करने के लिए गिरफ्तार किया जा रहा था।
सोशल मीडिया पर सामने आए ताजा मामले से जुड़ी क्लिप में वह पुलिस वालों से बहस करते नजर आए। उन्होंने इस दौरान पुलिस टीम से अरेस्ट वॉरंट दिखाने को भी कहा। चूंकि, ऑपरेशन के दौरान दस्ते में कुछ लोग सादी वर्दी में भी थे, लिहाजा उन्होंने ऐसे लोगों से कहा कि वे अपनी पहचान साबित करें। देखिए, कैसे रेड के बाद पुलिस वाले उन्हें अपने साथ ले गए:
ऑपरेशन के दौरान एक पुलिसवाले ने खैरा को बताया कि वह जलालाबाद के डीएसपी अच्छरू राम शर्मा है। उन्हें मामले के बारे में पूछते हुए भी सुना गया है। शर्मा को यह कहते हुए सुना गया कि यह एनडीपीएस मामला है, जिस पर खैरा ने कहा कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट पहले ही रद्द कर चुका है।
इस बीच, विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि Bolath सीट से विधायक को जिस मामले में पुलिस साथ ले गई, वह फाजिल्का के जलालाबाद में नॉरकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपकि सबस्टैंसेज़ (एनडीपीएस) से जुड़ा हुआ है। वैसे, कांग्रेस के विधायक लंबे समय से आप सरकार और उसके फैसलों-नीतियों की भरसक आलोचना करते नजर आए हैं।
दरअसल, खैरा से जुड़ा यह साल 2015 का है। एनडीपीएस केस में उनके खिलाफ सबूत मिलने के बाद एक्शन हुआ। 2015 में एनडीपीएस एक्ट केस में सुप्रीम कोर्ट ने खैरा को राहत देते हुए यह भी कहा था कि पुलिस चाहे तो इस मामले की आगे भी जांच कर सकती है। फाजिल्का ड्रग्स तस्करी केस में सेशन जज के आदेश पर 13 अप्रैल 2023 को डीआईजी स्वप्न शर्मा के नेतृत्व में एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन हुआ था।
जांच में तब खैरा ड्रग तस्करी में शामिल पाए गए थे, जिसके आधार पर उनकी गिरफ्तार हुई। मामले में बाकी ड्रग्स तस्कर थे, उन्हें 10 साल की सजा हो चुकी है। मगर खैरा राजनीतिक संरक्षण के चलते इस केस में खुद को बचा रहे थे।
