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बुलंदशहर में सिलेंडर ब्लास्ट, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, जमींदोज हो गया पूरा घर

Cylinder Blast in Bulandshahr: बुलंदशहर के जिलाधिकारी (डीएम) चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि यह घटना आशापुरी कॉलोनी में रियाजुद्दीन के घर में हुई, जिसमें 18-19 लोग रहते थे। उन्होंने बताया कि सिलेंडर विस्फोट रात 8.30 से नौ बजे के बीच हुआ।

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बुलंदशहर में सिलेंडर ब्लास्ट।

Photo : Times Now Digital

Cylinder Blast in Bulandshahr: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में सोमवार रात को बड़ा हादसा हो गया। यहां के सिकंदराबाद इलाके में सिलेंडर फटने से एक मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गया और एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गयी। हादसे में जान गंवाने वालों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। उधर, पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद मौके पर दमकल विभाग व पुलिस की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। जेसीबी की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।

मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) ध्रुव कांत ठाकुर ने बताया कि बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद इलाके की एक कालोनी में विस्फोट से पांच लोगों के मरने और कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना आयी है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव के निर्देश दिये गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार सिकंदराबाद की आशापुरी कॉलोनी में यह हादसा हुआ है। सिकंदराबाद इलाके की आशापुरी कॉलोनी में सोमवार रात एक मकान में रखा सिलेंडर अचानक फटने से जोरदार धमाके के साथ मकान ध्वस्त हो गया और छत गिर गयी।

घर में रह रहे थे 18 से 19 लोग

बुलंदशहर के जिलाधिकारी (डीएम) चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि यह घटना आशापुरी कॉलोनी में रियाजुद्दीन के घर में हुई, जिसमें 18-19 लोग रहते थे। उन्होंने बताया कि सिलेंडर विस्फोट रात 8.30 से नौ बजे के बीच हुआ। आठ लोगों को निकालकर अस्पताल ले जाया गया है। डीएम ने कहा कि कुछ लोगों की हालत बहुत गंभीर है, कुछ का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि घर के 10 से 11 लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि छत के लोहे के बीम को कटर से काटा गया है। मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई। बचाव अभियान के चलते पुलिसकर्मी लोगों से घटनास्थल से दूर जाने की अपील करते भी देखे गए। जिस जगह विस्फोट हुआ, वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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