शहर

भोजपुर एनकाउंटर पर भारी बवाल; NH-922 पर शव रखकर प्रदर्शन, पुलिस का लाठीचार्ज, शाहपुर थानाध्यक्ष समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड

NH 922 Ara Buxar Highway Jam: बिहार के भोजपुर में भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर के बाद भारी बवाल हो गया। परिजनों ने NH-922 पर शव रखकर जाम लगाया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

Image

भोजपुर एनकाउंटर पर भारी बवाल; NH-922 पर शव रखकर प्रदर्शन, पुलिस का लाठीचार्ज, शाहपुर थानाध्यक्ष समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड

Bhojpur Police Encounter Bihar: बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में बुधवार को हुए हाई-प्रोफाइल पुलिस मुठभेड़ का मामला अब बेहद गरमा गया है। मुठभेड़ में मारे गए 24 वर्षीय युवक भरत भूषण तिवारी के शव को लेकर गुरुवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने आरा-बक्सर फोरलेन (NH-922) को जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बीच, बढ़ते आक्रोश और प्रशासनिक चूक को देखते हुए भोजपुर एसपी की अनुशंसा पर शाहाबाद रेंज के डीआईजी (DIG) नवीन चंद्र झा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शाहपुर थाना अध्यक्ष (SHO) राजेश मालाकार, एक सब-इंस्पेक्टर (SI) और तीन पुलिस के जवानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जब भरत भूषण का शव गांव पहुंचा, तो ग्रामीण भड़क उठे। परिजनों ने शव को एनएच-922 पर बिलौटी गांव के समीप रखकर हाईवे को पूरी तरह ठप कर दिया। करीब चार घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण फोरलेन पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।

मौके पर स्थिति को नियंत्रण में करने पहुंचे पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। समझाने-बुझाने का प्रयास जब विफल रहा, तो यातायात बहाल कराने के लिए पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कड़ा लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस ने लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर खदेड़ा, जिसमें कई ग्रामीणों के चोटिल होने की खबर है।

'पुलिस को पहले ही बताया था, बेटा मानसिक बीमार है'

मुठभेड़ की थ्योरी पर सवाल उठाते हुए मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे का कोई आपराधिक इतिहास नहीं था, वह सिर्फ मानसिक रूप से अस्वस्थ था। काशीनाथ तिवारी ने बताया, 'मैं खुद घटना से पहले शाहपुर थाने गया था और पुलिस से हाथ जोड़कर कहा था कि मेरे लड़के का दिमागी संतुलन ठीक नहीं है। आप लोग सिर्फ उसे पकड़िए, समझाइए और काबू में लीजिए। लेकिन मेरी बात सुनने के बजाय पुलिस ने मुझे पूरे दिन थाने में बैठाकर रखा। शाम को मुझे बताया गया कि भरत के पैर में गोली लगी है और वह ठीक हो जाएगा, लेकिन बाद में उसकी मौत की खबर दी गई।'

पीड़िता के पिता ने सीधे तौर पर इसे 'फर्जी एनकाउंटर' बताते हुए कहा कि जब मौके पर इतनी बड़ी पुलिस फोर्स और एसटीएफ (STF) की टीम मौजूद थी, तो एक मानसिक रूप से बीमार युवक को जिंदा गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? उसे जानबूझकर मारने की योजना बनाई गई थी।

क्या था पूरा मामला?

गौरतलब है कि बुधवार को बिलौटी गांव में कई घंटों तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चला था। आरोपी भरत भूषण तिवारी अपने घर की छत से फेसबुक लाइव (Facebook Live) के जरिए पुलिस और जिला प्रशासन को लगातार चुनौती दे रहा था। पुलिस का दावा है कि भरत ने उन पर फायरिंग की थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें उसकी मौत हो गई।

मामले में अब तक का एक्शन

शाहपुर थाना अध्यक्ष राजेश मालाकार सहित 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। परिजनों की मांग के बाद पूरे मामले की न्यायिक और उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। गांव और हाईवे के आसपास फिलहाल भारी पुलिस बल तैनात है और तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article