भोपाल

उज्जैन में बारिश के बाद उफान पर शिप्रा, निचले इलाके डूबे, स्कूलों में छुट्टी घोषित

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 16, 2023, 01:47 PM IST

Ujjain Floods: शहर में लगातार हो रही बारिश के बाद एटलस चौराहा, केडी गेट, एकता नगर, शांति नगर, दशहरा मैदान जैसे इलाकों में भारी जल भराव हो गया है। शिप्रा नदी का पानी निचले इलाकों में घुस आया है। रामघाट के कई मंदिर डूब गए हैं तो वहीं बड़नगर स्थित बड़े पुल से करीब दो फीट नीचे पानी बह रहा है।

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उज्जैन में उफान पर शिप्रा नदी

Photo : Twitter

Ujjain Floods: महाकाल की नगरी उज्जैन में शुक्रवार शाम से लगातार बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। यहां शिप्रा नदी उफान पर है, नदी का पानी शहर के निचले इलाकों में घुस आया है। जलस्तर बढ़ने के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। रामघाट के कई मंदिर डूब गए हैं तो वहीं बड़नगर स्थित बड़े पुल से करीब दो फीट नीचे पानी बह रहा है।

भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन से यहां शनिवार को सभी सरकारी व निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार शाम 5 बजे से शुरू हुई बारिश रात में भी होती रही, जिससे कई इलाकों में जलभराव हो गया। आंकड़ों के मुताबिक, उज्जैन में बीती रात 4.64 इंच बारिश हुई है।

निचले इलाकों में घुसा पानी, लोगों ने खाली की दुकानें

शहर में लगातार हो रही बारिश के बाद एटलस चौराहा, केडी गेट, एकता नगर, शांति नगर, दशहरा मैदान जैसे इलाकों में भारी जल भराव हो गया है। शिप्रा नदी का पानी निचले इलाकों में घुस आया है, लोगों के घरों और दुकानों तक गोदाम जा रहा है। ऐसे में स्थानीय दुकानदारों ने दुकानों और गोदामों को खाली करना शुरू कर दिया है। इस बीच स्थानीय प्रशासन ने राम घाट पर लोगों की आवाजाही को बंद कर दिया है। लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।

बारिश के कारण बस पलटी, तीन की मौत

उज्जैन में लगातार हो रही बारिश के कारण शुक्रवार देर रात एक बढ़ा हादसा हो गया। यहां इंदौर से जोधपुर जा रही एक स्लीपर बस पलट गई। उज्जैन हाईवे पर हुए इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि बस में 40 लोग सवार थे। रात करीब 12 बजे बस हादसे का शिकार हुई, जिसके बाद सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कई जिलों में बारिश बनी मुसीबत

मध्य प्रदेश के उज्जैन के साथ ही साथ कई अन्य जिलों में भी बाढ़ जैसी स्थिति है। बड़वानी और इंदौर में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बताया जा रहा है कि भारी बारिश के कारण पातालपानी झरना उफान पर है। ऐसे में पातालपानी से कालाकुंड के बीच चलाई जाने वाली हेरिटेज ट्रेन को रद्द कर दिया गया है। धार के भी रिहायशी इलाकों में बीते 24 घंटे से बारिश हो रही है, जिसके चलते शहर के नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति बन गई है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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