कहां का है मामला
सीहोर जिले के मुंगावली गांव में सृष्टि अपने घर के पास ही खेल रही थी और वो खेत में बने बोरवेल के खुले गड्डे में गिर गई। सृष्टि की दादी का कहना है कि जब उसने अपनी पोती के गिरने की आवाज सुनी तो वो उस जगह पर पहुंची। लेकिन बचा पाने में नाकाम रही। इस घटना की जानकारी तुरंत गांव और प्रशासन के लोग मौके पर पहुंचे और बच्ची को निकालने का काम शुरू हुआ। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के जरिए बताया कि मासूम के बोरवेल में गिरने की जानकारी मिली। मौके पर एनडीआरएफ की टीम है और मासूम बच्ची को निकालने की कोशिश की जा रही है।
बोरवेल में मासूमों के गिरने के मामले सिर्फ मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। देश के अलग अलग राज्यों में पहले भी इस तरह के मामले सामने आए हैं। यहां पर सवाल यह है कि इस तरह के हादसों के लिए जिम्मेदार कौन है। जानकार कहते हैं कि अगर आप पहली नजर में देखें तो वे लोग जो अपने खेतों में खुले बोरवेल को छोड़ देते हैं उनकी पहली जिम्मेदारी बनती है। उसके बाद प्रशासन की भी जिम्मेदारी बनती है। कायदे से तो यह राज्य सरकार का काम है कि वो इस संबंध में कोई नीति बनाए।
