Bhopal News: राजधानी भोपाल के बुधवारा क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी नागरिक अब्दुल कलाम उर्फ नेहा जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे देश में पहचान छुपाकर पिछले कई वर्षों से रह रहा था, उसने पूछताछ में कुछ राज खोले हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने एजेंट्स की मदद से पहले फर्जी परिचय पत्र, फिर आधार कार्ड और पासपोर्ट भी बनवाया और इन दस्तावेजों के आधार पर विदेश यात्रा तक कर चुका है।
फर्जी दस्तावेज बनवाने में दो युवकों की भूमिका संदिग्ध
आरोपी खुद को किन्नर नेहा के रूप में पहचान देकर बुधवारा इलाके में पिछले दस सालों से अलग-अलग मकानों में रह रहा था। आसपास के लोग और किन्नर समुदाय भी उसे नेहा किन्नर के नाम से ही जानते थे। भास्कर की खबर के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अब्दुल कलाम ने दो स्थानीय एजेंट्स के नाम बताए हैं, जिनकी मदद से उसने दस्तावेज बनवाए थे। दोनों संदिग्ध पुराने भोपाल के रहने वाले हैं और उनसे पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है।
लिंग परीक्षण की तैयारी में पुलिस
पुलिस अब अब्दुल कलाम उर्फ नेहा का लिंग परीक्षण कराने की तैयारी कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह जन्म से किन्नर है या नहीं। ADCP जोन-3 शालिनी दीक्षित ने बताया कि मामला काफी संवेदनशील और गंभीर है। इसलिए पूरी जांच प्रक्रिया को गोपनीय रखा गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह कब से भोपाल में रह रहा है और क्या वह किसी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा है।
केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल
भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुल कलाम ने फर्जी पासपोर्ट से बांग्लादेश की यात्रा भी की है, यह चौंकाने वाली बात यह है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब केंद्रीय जांच एजेंसियों ने भी भोपाल में डेरा डाल लिया है और आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही हैं। हालांकि, अब तक आरोपी के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, लेकिन फर्जी दस्तावेज, पहचान छुपाकर रहना और विदेशी नागरिक के रूप में कानून तोड़ने के मामलों को लेकर कई धाराओं में केस दर्ज किया जा सकता है।
