ABVP-DSO Clash: कोलकाता के कलकत्ता यूनिवर्सिटी के कॉलेज स्ट्रीट कैंपस के पास मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी संगठन DSO के बीच झड़प हो गई, जिसमें कई छात्र घायल हो गए।
DSO के राज्य सचिव बिस्वजीत रॉय ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव नतीजों के ऐलान के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हिंसा भड़काई। उनका कहना है कि कैंपस के 'लोकतांत्रिक माहौल की रक्षा' कर रहे डीएसओ सदस्यों पर हमला किया और बैनर-पोस्टर फाड़े गए।
ABVP ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, ABVP ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता शांतिपूर्वक चुनाव परिणामों का जश्न मना रहे थे, तभी DSO के लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें उनके कई समर्थक घायल हुए।
DSO कार्यकर्ता अस्पताल में भर्ती
हालांकि, डीएसओ ने बताया कि उसके एक कार्यकर्ता के सिर में चोट लगी है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पांच अन्य लोगों के साथ भी मारपीट हुई है। यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने कहा कि कैंपस के अंदर कोई झड़प नहीं हुई।
यूनिवर्सिटी गेट के पास हुई हाथापाई
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यूनिवर्सिटी के गेट के पास थोड़ी बहुत हाथापाई जरूर हुई थी, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति को काबू में कर लिया और पुलिस ने दोनों गुटों को समझा-बुझाकर वहां से हटा दिया।
बंगाल में खत्म हुआ 'ममता युग'
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 207 सीट जीतकर सत्ता हासिल की। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया, टीएमसी के 15 साल के शासन का अंत किया और राज्य के वैचारिक और राजनीतिक केंद्र को निर्णायक रूप से बदल दिया।
सनद रहे कि बंगाल में टीएमसी सरकार की भारी हार 'प्रबल सत्ता-विरोधी लहर और अलोकप्रियता' को दर्शाती है, क्योंकि विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत 35 मंत्रियों में से 22 को पराजय का सामना करना पड़ा।
