Indian Railway: उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) अब पर्यटन को बढ़ावा देने के क्षेत्र में भी कार्य करेगा। सस्ते सफर से पर्यटन की राह आसान करने की पहल उत्तर मध्य रेलवे से जल्द ही शुरू होगी। इस बार बजट में एनसीआर के इस मद में करोड़ों रुपये का आवंटन हुआ है। भारत के सबसे अहम रूटों में शामिल उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज, आगरा और झांसी मंडलों में सबसे ज्यादा धार्मिक, पौराणिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल आते हैं। इसी जोन में महाकुंभ भी है। ऐसे में ट्रेनों के लिए पर्यटन का नया सर्किट तैयार कर यात्रियों को आकर्षक योजनाओं से लुभाया जाएगा। ऐसे में कई ट्रेनें संचालित कर पर्यटन की राह आसान की जाएगी।
आपको बता दें कि, केंद्र सरकार के साथ ही यूपी सरकार भी राज्य में रेलवे के मंडलों को खासी तवज्जो दे रही है। इसके लिए उत्तर मध्य रेलवे जोन सबसे बेहतर है। प्रयागराज, खजुराहो, आगरा, झांसी को एक सर्किट के रूप में कनेक्ट करते हुए ट्रेनों के संचालन की तैयारी हो रही है। इसके लिए रेलवे से आईआरसीटीसी की योजना को जोड़ा गया है।
पर्यटन को नया आयाम देने की तैयारी में रेलवे
भारत गौरव ट्रेनों के साथ ही अन्य ट्रेनों को रूट पर चलाकर पर्यटन को नया आयाम देने की तैयारी है। इसी कड़ी में एनसीआर रूट पर कई और भारत गौरव ट्रेनों को संचालित करने की तैयारी है। महाकुंभ के साथ ही श्रृंगवेरपुर धाम, खजुराहो, ताजमहल, फतेहपुर सीकरी, झांसी के किले को नए सर्किट से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही कंदरिया महादेव मंदिर, पांडव गुफाएं और पांडव जलप्रपात, कालिंजर किला के साथ अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर यात्रियों को लाने और ले जाने की तैयारी है।
एनसीआर की पर्यावरण संरक्षण और राजस्व बचत को लेकर हो चुकी है तारीफ
गौरतलब है कि, सोलर एनर्जी से बिजली पैदा करने की दिशा में सभी जोन में अव्वल रहे उत्तर मध्य रेलवे का डंका विदेशों तक बजा तो इसे ग्रीन एनर्जी हब बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई। अमेरिकी एजेंसी एनसीआर के सौर ऊर्जा उत्पादन नवाचार पर शोध कर रही है। एनसीआर की पर्यावरण संरक्षण और राजस्व बचत को लेकर भी काफी तारीफ हो चुकी है।
