शहर

SIR पर AAP का बड़ा आरोप, सोमनाथ भारती बोले- 30 लाख वोटरों के नाम हटाने की साजिश

आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती ने दिल्ली में चल रही SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए 20 से 30 लाख वोटरों के नाम हटाने की साजिश हो रही है। उन्होंने 2002 की वोटर लिस्ट को आधार बनाने और किरायेदारों को होने वाली दिक्कतों पर भी चिंता जताई।

Image

AAP नेता सोमनाथ भारती (File Photo)

Photo : ANI

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती ने दिल्ली में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर और बड़े आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस एसआईआर प्रक्रिया के जरिए दिल्ली में 20 से 30 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की साजिश की जा रही है।

2002 की वोटर लिस्ट को आधार बनाने पर जताई आपत्ति

सोमनाथ भारती ने कहा कि SIR फॉर्म में मतदाताओं से साल 2002 की मतदाता सूची में अपना या अपने माता-पिता अथवा दादा-दादी का नाम साबित करने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह खुद और उनके माता-पिता लंबे समय से दिल्ली में रह रहे हैं, लेकिन उन्हें 2002 की वोटर लिस्ट में उनके नाम नहीं मिल रहे। उन्होंने बताया कि उनके पिता के पास 1996 का दिल्ली वोटर आईडी कार्ड था और उनकी मां के पास 2004 का वोटर आईडी है, इसके बावजूद संबंधित सूचियों में उनके नाम नहीं मिल रहे। ऐसे में आम लोगों के लिए यह प्रक्रिया और भी कठिन हो जाएगी।

किरायेदारों को हो रही परेशानी

AAP नेता ने कहा कि दिल्ली में बड़ी तादाद में लोग किराये के मकानों में रहते हैं। कई मकान मालिक किरायेदारों को अपने पते पर आधार, वोटर आईडी या अन्य दस्तावेज बनवाने की इजाजत नहीं देते। ऐसे में उनके पास स्थायी पते का प्रमाण नहीं होता और अब ऐसे लोगों के वोटों को हटाए जाने का खतरा पैदा हो गया है।

BJP और चुनाव आयोग पर लगाए आरोप

सोमनाथ भारती ने आरोप लगाया कि बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को भाजपा विधायकों के कार्यालयों में बुलाकर वोटर लिस्ट से जुड़े निर्देश दिए जा रहे हैं। उनका दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया लोकतंत्र के खिलाफ है और इससे निष्पक्ष चुनाव प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहले SIR प्रक्रिया की अंतिम तारीख 29 जुलाई तय की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 8 अगस्त कर दिया गया है। उनके अनुसार, मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र में अब तक केवल 47% मतदाताओं का सत्यापन हुआ है। ऐसे में शेष 53% मतदाताओं का सत्यापन कुछ ही दिनों में पूरा करना संभव नहीं है।

चुनाव आयोग से की अपील

सोमनाथ भारती ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से प्रक्रिया में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि अगर शिक्षित और दस्तावेज रखने वाले लोगों को भी अपना नाम साबित करने में मुश्किल हो रही है, तो आम नागरिकों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर सकती है। फिलहाल, चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article