उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में भले ही अभी लंबा वक्त हो, लेकिन सियासी लड़ाई शुरू हो चुकी है। सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी समाजवादी पार्ची के बीच जुबानी खींचतान जारी है। इस बीच,समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव रविवार को भाजपा पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में सपा हर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के वोटों को 27,000 तक कम करने के लिए काम करेगी।
लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हमने आज पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की। हम सभी ने 2027 तक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अपने वोटों की संख्या में 27,000 की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इसको अगर दूसरे शब्दों में कहें तो हमने भाजपा के वोटों की संख्या में 27,000 की कमी लाने का प्रण किया है।
कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को वोटों की चोट देने के लिए हमें तकनीक का उपयोग करना होगा,लोगों के घरों में जाकर उनकी बातें सुननी होंगी और उनकी चिंताओं को समझना होगा, साथ ही न्याय और सम्मान सुनिश्चित करने के बारे में बात करनी होगी। हम इस दिशा में मिलकर काम करते रहेंगे।
10 साल में न किसान को MSP मिला, न युवाओं को रोजगार
इस दौरान, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पिछले 10 साल में विकास के नाम पर जनता को सिर्फ परेशानियां मिली हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का MSP नहीं मिला और गन्ना किसानों को भी उचित भरपाई नहीं हो रही है। उन्होंने इथेनॉल के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके जरिए होने वाला मुनाफा आखिर किसके पास जा रहा है।
रोजगार और पेपर लीक का मुद्दा उठाया
सपा प्रमुख ने युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार नहीं मिला और नौकरियों में मिलने वाले आरक्षण के साथ भी खिलवाड़ हुआ। अखिलेश ने पेपर लीक की घटनाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि रोजगार के अवसर न मिलने की वजह से युवाओं में निराशा है।
निवेश पर भी सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की ओर से निवेश के कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, लेकिन उनके मुताबिक जमीन पर अपेक्षित निवेश नहीं आया। उन्होंने अयोध्या का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि किसानों से जमीन ली गई, लेकिन सर्किल रेट में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं की गई। उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अस्पताल ठीक से काम नहीं कर रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति खराब है।
