दिल्ली : दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को जनता को समर्पित किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को इंद्रप्रस्थ बस डिपो से इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राजधानी में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई ईवी बसों के शामिल होने से दिल्ली के लोगों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को पूरी तरह उत्सर्जन-मुक्त बनाना है। सरकार पहले ही डीटीसी के बेड़े में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसें शामिल कर चुकी है और इसे और विस्तार दिया जा रहा है।
दिल्ली में 2000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले एक वर्ष में 2000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों को डीटीसी के बेड़े में जोड़ा गया है। इससे दिल्ली देश के उन शहरों में शामिल हो गई है जहां सबसे अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले समय में शहर के हर इलाके में आधुनिक और स्वच्छ परिवहन सुविधा उपलब्ध हो।
इस अवसर पर नानकसर से गाज़ियाबाद के बीच नई अंतरराज्यीय बस सेवा की शुरुआत भी की गई, जिससे दिल्ली और एनसीआर के यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके साथ ही डीटीसी के नए कार्यालय भवन का शिलान्यास भी किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि 2023 से बंद पड़ा ईवी प्रोत्साहन पोर्टल फिर से शुरू कर दिया गया है। इसके तहत 12,877 लाभार्थियों को करीब 24 करोड़ रुपये की लंबित सब्सिडी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से जारी की गई है।
