दिल्ली-एनसीआर की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। साल 2025 में दिल्ली मेट्रो ने 235.8 करोड़ पैसेंजर जर्नी का रिकॉर्ड दर्ज किया है, जो शहरी परिवहन के क्षेत्र में इसकी बढ़ती अहमियत को दर्शाता है। हाल ही में पिंक लाइन और मैजेंटा लाइन के दो नए सेक्शन शुरू होने के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) देश के सबसे बड़े संचालित मेट्रो नेटवर्क के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर चुका है।
कुल 26 शहरों में मेट्रो
देशभर में इस समय 26 शहरों में कुल 1,143 किलोमीटर से ज्यादा लंबा मेट्रो नेटवर्क संचालित हो रहा है, जिससे हर दिन करीब 1.15 करोड़ यात्री सफर करते हैं। इनमें से 55 प्रतिशत से अधिक यात्राएं अकेले दिल्ली मेट्रो नेटवर्क पर होती हैं।
दिल्ली एनसीआर मेट्रो की लंबाई 416 KM
दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई करीब 416 किलोमीटर है और इसमें 303 स्टेशन शामिल हैं। इस नेटवर्क में नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो और गुरुग्राम की रैपिड मेट्रो भी शामिल हैं, जो दिल्ली को एनसीआर के प्रमुख शहरों से जोड़ती हैं। दिल्ली मेट्रो रोजाना 343 ट्रेनों के साथ करीब 4,508 फेरे लगाती है और हर दिन लगभग 1.40 लाख ट्रेन किलोमीटर का संचालन करती है। इसके साथ ही 99.9 प्रतिशत की समयबद्धता के साथ यह दुनिया की सबसे भरोसेमंद मेट्रो सेवाओं में भी गिनी जाती है।
लगातार बढ़ रही है यात्रियों की संख्या
कोविड महामारी के बाद भी दिल्ली मेट्रो में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2024 में जहां 223.5 करोड़ यात्रियों ने सफर किया, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 235.8 करोड़ तक पहुंच गया। यात्रियों की संख्या के मामले में भी कई रिकॉर्ड बने। 18 नवंबर 2024 को एक दिन में 78.67 लाख यात्रियों ने सफर किया था, जबकि 8 अगस्त 2025 को यह आंकड़ा बढ़कर 81.87 लाख तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।
देश के सबसे बड़े ड्राइवरलेस मेट्रो नेटवर्क
दिल्ली मेट्रो देश के सबसे बड़े ड्राइवरलेस मेट्रो नेटवर्क का भी संचालन करती है। पिंक लाइन और मैजेंटा लाइन पर अत्याधुनिक ड्राइवरलेस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन लाइनों पर फिलहाल 80 ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इसके अलावा मेट्रो के फेज-4 के प्राथमिक कॉरिडोर भी तेजी से निर्माणाधीन हैं। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 52 नई ट्रेनों की खरीद की जा रही है, जिनमें से 18 ट्रेनें पहले ही दिल्ली पहुंच चुकी हैं। दिल्ली मेट्रो ने समय के साथ राजधानी में यात्रा को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाया है। यही वजह है कि आज यह न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर बल्कि पूरे देश में शहरी परिवहन का एक आदर्श मॉडल बन चुकी है।
