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Patna News: डाक बंगला चौराहे पर पहुंचे प्रदर्शनकारी, कुछ छात्र नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया गया

Patna News: BPSC TRE 4.0 के नियमों में बदलाव के विरोध में आज पटना में छात्र गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकाल रहे हैं। छात्रों का सीएम आवास घेराव का कार्यक्रम है, जबकि पुलिस ने उन्हें रोकने की तैयार की हुई है।

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पटना मेंं छात्रों का प्रदर्शन, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में

Patna News: BPSC TRE 4.0 एग्जाम के नियमों में हुए बदलाव को लेकर आज छात्रों का मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम है। शिक्षक बहाली के नियमों में हुए इस बदलाव के विरोध में कई छात्र संगठन और राजनीतिक दलों ने इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है। सीएम आवास घेराव के लिए छात्रों ने सुबह करीब 11 बजे गांधी मैदान से मार्च शुरू किया।

एक तरफ छात्र राजधानी पटना में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की योजना के तहत मार्च निकाल रहे हैं और दूसरी तरफ पुलिस की पूरी कोशिश है कि उन्हें सीएम आवास तक पहुंचने से रोका जाए।

बड़ी संख्या में चात्र गांधी मैदान जेपी गोलंबर पर पहुंचे, यहां पुलिस ने बेरिकेडिंग की हुई थी। पुलिस ने छात्रों को रोकने की कोशिश की। इस बीच छात्रों ने पहली बेरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ गए। प्रदर्शनकारी छात्र डाक बंगला चौराहे तक पहुंचे तो पुलिस ने कुछ छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया।

छात्रों की लगभग सभी मांगें मानी गईं

बिहार की शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने कहा, छात्रों की सभी मांगों को हमने लगभग पूरा कर दिया है, छात्र जो और बताना चाहते हैं उसके लिए भी हम तैयार हैं। उन्होंने कहा, छात्र आगे आएं और बात करें, सबका समाधान होगा।

Patna News Protest

पटना में छात्रों का विरोध प्रदर्शन, भारी पुलिस बल तैनात

राजनीतिक रूप से बेरोजगार हो गए हैं तेजस्वी

बिहार सरकार में भाजपा कोटे के मंत्री रामकृपाल यादव ने आज पटना में छात्रों के प्रदर्शन में तेजस्वी प्रसाद यादव के समर्थन पर कहा कि तेजस्वी राजनीतिक रूप से बेरोजगार हो गए हैं। जो भी वाम दल इसका समर्थन कर रहे हैं उनकी भी यही स्थिति है। छात्रों के कंधे पर बंदूक चला कर अपनी राजनीति रोटी सेकने के लिए वह साथ दे रहे हैं। वहीं बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक द्वारा छात्रों के लिए किए गए गलत बयानबाजी पर कहा या बहुत ही गलत और क्षमा योग्य बयान नहीं है।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस की तैयारी

इससे पहले प्रशासन की तरफ से इस विरोध मार्च को रोकने के लिए सड़कों पर बड़े पैमाने पर तैयारी की गई। जगह-जगह केंद्रीय पुलिस फोर्स और राज्य पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई । साथ ही पटना मेट्रो में इस्तेमाल होने वाले लोहे के बड़े-बड़े स्लैब डाक बंगला चौराहे पर लगाए गए, ताकि प्रदर्शनकारी छात्र आगे न बढ़ सकें। पुलिस ने सड़कों पर बैरिकेडिंग की।

छावनी में बदला डाक बंगला चौराहा

डाक बंगला चौराहे को पुलिस छावनी में बदल दिया गया। छात्रों के इस विरोध मार्च के लिए पिछले मार्च से ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रदर्शनकारी छात्रों को इनकम टैक्स चौराहे की बजाय पुलिस ने डाक बंगला पर ही रोकने की तैयारी की गई।

कल छात्रों की डीएम, एसपी से मीटिंग कराई गई

इस बीच अपर पुलिस अधीक्षक (ASP / Law & Order), कृष्ण मुरारी प्रसाद ने Times Now नवभारत से बात करते हुए कहा कि कल यानी 24 अगस्त को ही छात्रों के संगठन से जुड़े लोगों की वार्ता कराई गई। डीएम और एसपी ने इनके साथ मीटिंग की। उसके बाद शिक्षा सचिव के यहां भी छात्र संगठन के लोग गए। काफी सौहार्दपूर्ण माहौल में इनकी बातें हुईं।

छात्रों के ज्यादातर प्रश्नों के उत्तर कल की मीटिंग में मिल चुके हैं

उन्होंने कहा, स्टूडेंट के टीआर 4 को लेकर जो मुद्दे थे, इन पर काफी डिटेल में कल बातचीत हुई। उसमें काफी समाधान भी हो गए हैं। कुछ बातों को लेकर उनके प्रश्न थे, तो उनके भी समाधान हुए हैं। ASP ने बताया कि छात्रों के ज्यादातर मामलों के समाधान होने की दिशा में हर एक व्यक्ति से बात कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, आज का प्रोटेस्ट पहले से बुलाया गया था, हम लोगों ने उनसे रिक्वेस्ट की थी, जब आपकी बातें मानी जा रही है, बातें जब सुनी जा रही है या प्लेटफार्म पर आपकी बातों को रखा जा रहा है तो फिर प्रदर्शन का मतलब नहीं था। इसके बावजूद भी कुछ लोग मार्च निकाल रहे हैं, उसके लिए हम लोगों ने तैयारी की है।

Saket kumar
साकेत कुमारauthor

साकेत कुमार के पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 18 वर्षों का लंबा अनुभव है। वर्तमान में वह Times Now Navbharat के पटना ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं और बिहार की राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और ग्राउंड रिपोर्टिंग में गहरी पकड़ रखते हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण खबरों को कवर किया है और निष्पक्ष, तथ्यपरक और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। साकेट की रिपोर्टिंग में जमीनी हकीकत, गहन रिसर्च और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने की प्रतिबद्धता साफ दिखाई देती है।

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