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Project Pratima:डिजिटल पेमेंट के समय लगता है फ्रॉड का डर, तो अब चिंता की बात नहीं; सही-गलत की होगी पहचान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 3, 2022, 11:36 PM IST

Project Pratima: प्रतिमा का अर्थ संस्कृत में 'आइकन' होता है। यह ग्राहकों को डिजिटल भुगतान आइकन की पहचान करने में सक्षम बनाने के लिए लाया गया है। इससे फ्रॉड की गुंजाइश काफी हद तक कम हो जाएगी। जिससे लोगों को काफी फायदा होगा।

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डिजिटल पेमेंट के दौरान फ्रॉड को रोकेगा प्रोजेक्ट प्रतिमा

Photo : BCCL

Project Pratima: डिजिटल पेमेंट के दौरान अब फ्रॉड को खत्म करने के लिए Payments Council of India (PCI) ने प्रोजेक्ट प्रतिमा को लॉन्च किया है। इसके आने से लोगों को काफी फायदा होगा। उन्हें पेमेंट के दौरान सही और गलत की पहचान करने में आसानी होगी, जिससे फ्रॉड का चांस कम हो जाएगा।

मनीकंट्रोल से बात करते हुए पीसीआई के कार्यकारी निदेशक गौरव चोपड़ा ने कहा- "यह एक ऐसी परियोजना है जिसे पीसीआई ने भुगतान में सबसे आम उपयोग के मामलों में आइकन को एक रूप देने के लिए शुरू किया है। इसके पीछे मुख्य विचार लोगों को धोखाधड़ी से बचाना और डिजिटल भुगतान को अपनाने में वृद्धि करना है। सही आइकन ग्राहकों को भुगतान करने के समय फ्रॉड से बचाएंगे।"

प्रोजेक्ट प्रतिमा का नाम संस्कृत से लिया गया है। प्रतिमा का अर्थ संस्कृत में 'चिह्न' है। मिली जानकारी के अनुसार अभी के समय में अलग-अलग ऐप अलग-अलग तरह के आइकन का इस्तेमाल करते हैं, इससे पेमेंट के समय में लोगों को दिक्कत होती है। इस प्रोजेक्ट के तहत इन्हीं गलतियों को ठीक किया जाएगा। प्रोजेक्ट प्रतिमा के तहत बेसिक पेमेंट एक्शंस और प्रोसेस के लिए एक जैसे दिखने वाले आइकन तैयार किए जाएंगे, जिससे लोगों की परेशानियां कम हो जाएंगी।

परियोजना को लागू करने वाले मुख्य समूह में FamPay, Setu, Jupiter, Amazon Pay, Safexpay और Paytm के वॉलेंटियर्स डिजाइनर्स शामिल हैं। इसके अलावा कई और बैंकों के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हैं।

नोटबंदी के बाद से डिजिटल पेमेंट के जरिए लेन-देन में काफी वृद्धि देखने को मिली है। जिसके कारण धोखाधड़ी के मामले भी बढ़े हैं। हर साल इन धोखाधड़ियों के कारण देश को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। इसी साल कि अगर हम बात करें तो अप्रैल से जून के बीच ही 84,145 यूपीआई धोखाधड़ी के मामले सामने आ चुके हैं। कई मामलों में कार्रवाई भी हो चुकी है, लेकिन फिर भी इस पर लगाम नहीं लग पाई है।

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