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Tata Sons की बागड़ोर फिर एन चंद्रशेखरन के हाथ, बोर्ड ने 5 साल के लिए बढ़ाया कार्यकाल

टाटा समूह की बागडोर फिर एन चंद्रशेखरन के हाथ में आ गई है। गुरुवार को हुई बोर्ड बैठक में चंद्रशेखरन को अगले 5 साल के लिए टाटा सन्स का चेयरमैन नियुक्त किए जाने की मंजूरी दी है।

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टाटा सन्स के बोर्ड ने बढ़ाया कार्यकाल

Tata Sons N Chandrasekaran : टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी Tata Sons के बोर्ड ने अपने नेतृत्व को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने N Chandrasekaran को Executive Chairman के तौर पर अगले पांच साल के लिए फिर नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही Tata Sons ने स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग को लेकर बड़ा संकेत भी दिया है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब रिजर्व बैंक (RBI) के एक हालिया आदेश के बाद Tata Sons की लिस्टिंग का मुद्दा फिर चर्चा में है।

ET Now की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को करीब तीन घंटे चली बोर्ड मीटिंग में Tata Trusts के चेयरमैन नोएल टाटा (Noel Tata) को बोर्ड के बाकी सदस्यों का समर्थन नहीं मिला और वह चंद्रशेखरन को नया कार्यकाल नहीं देने के मामले में आउटवोट हो गए। ऐसे में चंद्रशेखरन की वापसी और Tata Sons की संभावित लिस्टिंग के साथ ही ग्रुप के भीतर चल रहे गवर्नेंस विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है।

चंद्रशेखरन ने कहा था नहीं लेंगे जिम्मेदारी

बोर्ड का यह फैसला इसलिए भी अहम है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही Chandrasekaran ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे Tata Sons के चेयरमैन पद पर नया कार्यकाल स्वीकार नहीं करेंगे। उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी, 2027 को खत्म होना था। चंद्रशेखन ने ने उस समय कहा था कि बोर्ड में एक सदस्य ने उनके पांच साल के नए कार्यकाल के प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया, जिसके कारण इस पर आम सहमति नहीं बन पाई।

इसके बाद उन्होंने Tata Sons की नॉमिनेशन एंड रेम्युरेशन कमिटी को नया चेयरमैन तलाशने का आग्रह भी किया था। लेकिन, अब बोर्ड ने उनके लिए नया पांच साल का कार्यकाल मंजूर कर दिया है।

RBI के फैसले ने Tata Sons IPO का रास्ता फिर खोला

Tata Sons के नेतृत्व को लेकर यह फैसला उस समय आया है, जब कंपनी को रिजर्व बैंक ने भी झटका दिया है। रिजर्व बैंक ने कंपनी के उस आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें कंपनी खुद को NBFC के तौर पर डी रजिस्टर करना चाहती है। लेकिन, रिजर्व बैंक के फैसले के बाद अब कंपनी पर लिस्टिंग का दबाव बढ़ गया है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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