PPF vs SIP: आज के समय में लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार करने के लिए PPF (Public Provident Fund) और SIP (Systematic Investment Plan) दोनों विकल्पों को काफी पसंद करते हैं। दोनों ही निवेश विकल्पों का अपने अलग फायदे हैं। जहां एक ओर PPF को सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न वाली सरकारी स्कीम माना जाता है वहीं, SIP एक मार्केट-लिंक्ड निवेश विकल्प है, जिसमें लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है।
अब सवाल ये है कि अगर कोई व्यक्ति हर महीने 2000 रुपये का निवेश शुरू करता है तो लंबे समय में कौन-से निवेश विकल्प के साथ एक बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। करीब 30 वर्षों की लंबी निवेश अवधि के साथ दोनों ही निवेश विकल्पों में एक बड़ा अंतर देखने को मिलता है। आइए समझते हैं पूरी कैलकुलेशन-
कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न
PPF में निवेश करने पर व्यक्ति को हर महीने 2000 रुपये यानी सालाना 24,000 रुपये जमा करने होंगे। वर्तमान में PPF पर 7.1 प्रतिशत की ब्याज दर मिल रही है। अगर यही निवेश लगातार 30 साल तक जारी रखा जाए, तो कुल जमा राशि 7,20,000 रुपये होगी। इस पर लगभग 17,52,146 रुपये ब्याज के रूप में मिल सकते हैं। इस तरह 30 साल बाद कुल मैच्योरिटी अमाउंट बढ़कर करीब 24,72,146 रुपये हो जाएगा।
वहीं, दूसरी तरफ अगर कोई व्यक्ति हर महीने 2000 रुपये की SIP लगातार 30 साल तक जारी रखता है, तो उसकी कुल निवेश राशि भी 7,20,000 रुपये ही रहेगी। हालांकि 12 प्रतिशत सालाना अनुमानित रिटर्न के हिसाब से इस निवेश पर लगभग 54,41,946 रुपये का अनुमानित ब्याज मिल सकता है। ऐसे में कुल मैच्योरिटी अमाउंट करीब 61,61,946 रुपये तक पहुंच सकता है।
| निवेश विकल्प | मासिक निवेश | कुल निवेश अवधि | कुल जमा राशि | अनुमानित ब्याज/रिटर्न | कुल मैच्योरिटी अमाउंट |
|---|---|---|---|---|---|
| PPF | ₹2,000 | 30 साल | ₹7,20,000 | ₹17,52,146 | ₹24,72,146 |
| SIP | ₹2,000 | 30 साल | ₹7,20,000 | ₹54,41,946 | ₹61,61,946 |
कौन-सा विकल्प ज्यादा बेहतर

PPF vs SIP (Photo: iStock)
PPF का सबसे बड़ा फायदा इसकी सुरक्षा मानी जाती है। यह सरकार समर्थित स्कीम है, इसलिए इसमें मार्केट नहीं होता। साथ ही PPF में मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। यही वजह है कि कम जोखिम लेने वाले निवेशक और सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले लोग इस निवेश विकल्प को पसंद करते हैं।

PPF vs SIP (Photo: iStock)
वहीं, SIP मार्केट से जुड़ा निवेश विकल्प है, जहां म्यूचुअल फंड में निवेश किया जाता है। SIP में रिटर्न तय नहीं होता, लेकिन लंबे समय में इक्विटी मार्केट बेहतर ग्रोथ दे सकता है।
कौन-सा विकल्प किसके लिए
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि SIP लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए मजबूत विकल्प साबित हो सकता है। खासकर यंग इंवेस्टर जो मार्केट के उतार-चढ़ाव को लंबे समय तक झेल सकते हैं, उनके लिए SIP बेहतर विकल्प माना जाता है। हालांकि इसमें मार्केट रिस्क भी शामिल रहता है और रिटर्न पूरी तरह मार्केट परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है। दूसरी तरफ PPF उन लोगों के लिए बेहतर माना जाता है, जो सुरक्षित और फिक्स्ड रिटर्न चाहते हैं। इसमें पैसा डूबने का खतरा नहीं होता और टैक्स बेनिफिट भी मिलता है। हालांकि PPF का रिटर्न SIP की तुलना में कम होता है।
