बिजनेस

Closing Bell : Sensex 828, Nifty 244 अंक उछलकर बंद, क्यों आई बाजार में बहार?

शेयर बाजार सप्ताह के आखिरी दिन मजबूती के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क इंडेक्स Sensex जहां, 828 अंक ऊपर बंद हुआ, वहीं Nifty में 244 अंक का उछाल दर्ज किया गया। इस दौरान IT Stocks में बंपर तेजी रही।

Image

बाजार तेजी में बंद

Closing Bell Share Market Today : सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार ने दमदार वापसी की है। Sensex जहां 827.57 अंक यानी 1.08% की तेजी के साथ 77,569.39 पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 244.10 अंक यानी 1.02% चढ़कर 24,206.90 पर पहुंच गया। पूरे बाजार में खरीदारी का माहौल रहा और बड़े शेयरों से लेकर मिडकैप व स्मॉलकैप तक लगभग सभी वर्गों में तेजी देखने को मिली।

IT शेयरों ने संभाली बाजार की कमान

शुक्रवार 10 जुलाई को बाजार की तेजी की सबसे बड़ी वजह IT सेक्टर रहा। TCS के जून तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे। कंपनी ने करीब 13,349 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया और यह भी संकेत दिया कि अगले कुछ महीनों में मांग में सुधार देखने को मिल सकता है। इसके बाद निवेशकों ने आईटी कंपनियों में जमकर खरीदारी की। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2% उछल गया और पूरे बाजार का नेतृत्व किया।

अमेरिका-ईरान बातचीत से कम हुआ तनाव

वैश्विक बाजारों को भी राहत मिली, क्योंकि अमेरिका की ओर से संकेत मिला कि ईरान के साथ बातचीत जारी है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका कुछ कम हुई। निवेशकों को उम्मीद बंधी कि हालात और खराब नहीं होंगे। इसी भरोसे का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला।

एशियाई बाजारों का भी मिला मजबूत साथ

जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और हांगकांग समेत लगभग सभी प्रमुख एशियाई बाजार तेजी में कारोबार करते दिखे। अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे। सकारात्मक वैश्विक संकेतों ने भारतीय निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और खरीदारी को समर्थन दिया।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी राहत

Brent Crude करीब 76.5 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में नरमी देश के लिए राहत की खबर मानी जाती है। इससे आयात बिल घट सकता है, महंगाई पर दबाव कम हो सकता है और अर्थव्यवस्था को सहारा मिल सकता है। यही वजह है कि बाजार ने इस संकेत को भी सकारात्मक माना।

रुपया मजबूत, निवेशकों का भरोसा बढ़ा

डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूत हुआ और करीब 15 पैसे की बढ़त के साथ 95.32 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन घरेलू बाजार की मजबूती ने रुपये को सहारा दिया। मजबूत मुद्रा को भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।

इंडिया वीआईएक्स में बड़ी गिरावट

बाजार का डर मापने वाला सूचकांक India Vix करीब 8% गिरकर 12.33 पर आ गया। इसका मतलब है कि निवेशकों में निकट भविष्य को लेकर घबराहट कम हुई है। जब वीआईएक्स नीचे आता है तो आमतौर पर यह बाजार में बढ़ते भरोसे और जोखिम लेने की इच्छा का संकेत माना जाता है।

पूरे बाजार में दिखी खरीदारी

सिर्फ बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 लगभग 1.40% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब 1.55% चढ़े। सेक्टरों की बात करें तो पीएसयू बैंक, रियल्टी, आईटी, मेटल और फाइनेंशियल शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। केवल एफएमसीजी इंडेक्स हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानिया author

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों... और देखें

End of Article