Adani Wilmar Share Price: अडानी समूह ने रोजमर्रा के उपभोग का सामान बनाने वाली (एफएमसीजी) कंपनी अडानी विल्मर लिमिटेड में अपनी 20% हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई है। इस बिक्री से समूह को ₹7,148 करोड़ जुटाने की उम्मीद है। यह कदम समूह की गैर-प्रमुख व्यवसायों से बाहर निकलने और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति का हिस्सा है। 10 जनवरी को शुरुआती कारोबार में अडानी विल्मर के शेयरों में 9.5% की गिरावट आई और यह ₹ 292.65 प्रति शेयर पर आ गया।
हिस्सेदारी बिक्री का पूरा विवरण
बिक्री की तारीखें
- गैर-खुदरा निवेशकों के लिए: 10 जनवरी
- खुदरा निवेशकों के लिए: 13 जनवरी
- बिक्री मूल्य: न्यूनतम ₹275 प्रति शेयर
- बिक्री की मात्रा: 17.54 करोड़ शेयर (13.50% इक्विटी हिस्सेदारी)
- अतिरिक्त विकल्प: 8.44 करोड़ शेयर (6.50% इक्विटी)
संयुक्त उद्यम से बाहर निकलने की योजना
अडानी समूह और सिंगापुर की विल्मर इंटरनेशनल लिमिटेड ने पहले से संयुक्त रूप से अडानी विल्मर में 87.87% हिस्सेदारी रखी है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियमों के अनुसार, सूचीबद्ध कंपनियों को कम से कम 25% सार्वजनिक शेयरधारिता सुनिश्चित करनी होती है।
डील का दूसरा चरण
अडानी समूह शेष 31.06% हिस्सेदारी ₹305 प्रति शेयर के अधिकतम मूल्य पर विल्मर इंटरनेशनल लिमिटेड को बेचेगा। इस हिस्सेदारी बिक्री से अडानी समूह को कुल ₹17,100 करोड़ (लगभग 2 अरब डॉलर) मिलने की संभावना है। यह सौदा 31 मार्च, 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है।
हिस्सेदारी बिक्री का उद्देश्य
इस बिक्री से जुटाई गई राशि का उपयोग अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के बुनियादी ढांचा कारोबार की विस्तार योजनाओं में किया जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
- निवेशक अडानी विल्मर के शेयरों की बिक्री पेशकश (OFS) में रुचि दिखा सकते हैं।
- अडानी समूह के बुनियादी ढांचा व्यवसाय में तेजी आने की संभावना है।
- सार्वजनिक शेयरधारिता के बढ़ने से कंपनी की मार्केट लिक्विडिटी में सुधार हो सकता है।
अडानी विल्मर का व्यवसाय
अडानी विल्मर "फॉर्च्यून" ब्रांड के अंतर्गत खाद्य तेल, गेहूं का आटा और अन्य खाद्य उत्पाद बनाती है। यह भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी FMCG उपस्थिति के लिए जानी जाती है।
