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Adani Wilmar Share: 10 फीसदी गिरा अडानी विल्मर स्टॉक, OFS के जरिए 7148 करोड़ जुटाने के प्लान का दिखा असर

Adani Wilmar OFS: अडानी ग्रुप ने अपनी सहायक कंपनी अडानी विल्मर में 20% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है, जिससे वह कंपनी से पूरी तरह बाहर हो जाएगा। इस बिक्री पेशकश (OFS) में शेयर की न्यूनतम कीमत ₹275 निर्धारित की गई है, जो 10 और 13 जनवरी को आयोजित होगी। इस डील से अडानी ग्रुप ₹2 अरब से अधिक की पूंजी जुटाएगा, जिसे वह अपने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश करेगा।

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अदाणी विल्मर की हिस्सेदारी बिक्री से समूह जुटाएगा ₹7,148 करोड़

Photo : Times Now Digital

Adani Wilmar Share Price: अडानी समूह ने रोजमर्रा के उपभोग का सामान बनाने वाली (एफएमसीजी) कंपनी अडानी विल्मर लिमिटेड में अपनी 20% हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई है। इस बिक्री से समूह को ₹7,148 करोड़ जुटाने की उम्मीद है। यह कदम समूह की गैर-प्रमुख व्यवसायों से बाहर निकलने और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति का हिस्सा है। 10 जनवरी को शुरुआती कारोबार में अडानी विल्मर के शेयरों में 9.5% की गिरावट आई और यह ₹ 292.65 प्रति शेयर पर आ गया।

हिस्सेदारी बिक्री का पूरा विवरण

बिक्री की तारीखें

  • गैर-खुदरा निवेशकों के लिए: 10 जनवरी
  • खुदरा निवेशकों के लिए: 13 जनवरी
  • बिक्री मूल्य: न्यूनतम ₹275 प्रति शेयर
  • बिक्री की मात्रा: 17.54 करोड़ शेयर (13.50% इक्विटी हिस्सेदारी)
  • अतिरिक्त विकल्प: 8.44 करोड़ शेयर (6.50% इक्विटी)

संयुक्त उद्यम से बाहर निकलने की योजना

अडानी समूह और सिंगापुर की विल्मर इंटरनेशनल लिमिटेड ने पहले से संयुक्त रूप से अडानी विल्मर में 87.87% हिस्सेदारी रखी है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियमों के अनुसार, सूचीबद्ध कंपनियों को कम से कम 25% सार्वजनिक शेयरधारिता सुनिश्चित करनी होती है।

डील का दूसरा चरण

अडानी समूह शेष 31.06% हिस्सेदारी ₹305 प्रति शेयर के अधिकतम मूल्य पर विल्मर इंटरनेशनल लिमिटेड को बेचेगा। इस हिस्सेदारी बिक्री से अडानी समूह को कुल ₹17,100 करोड़ (लगभग 2 अरब डॉलर) मिलने की संभावना है। यह सौदा 31 मार्च, 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है।

हिस्सेदारी बिक्री का उद्देश्य

इस बिक्री से जुटाई गई राशि का उपयोग अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के बुनियादी ढांचा कारोबार की विस्तार योजनाओं में किया जाएगा।

निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?

  • निवेशक अडानी विल्मर के शेयरों की बिक्री पेशकश (OFS) में रुचि दिखा सकते हैं।
  • अडानी समूह के बुनियादी ढांचा व्यवसाय में तेजी आने की संभावना है।
  • सार्वजनिक शेयरधारिता के बढ़ने से कंपनी की मार्केट लिक्विडिटी में सुधार हो सकता है।

अडानी विल्मर का व्यवसाय

अडानी विल्मर "फॉर्च्यून" ब्रांड के अंतर्गत खाद्य तेल, गेहूं का आटा और अन्य खाद्य उत्पाद बनाती है। यह भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी FMCG उपस्थिति के लिए जानी जाती है।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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