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LPG Price In Pakistan: पाकिस्तान में रॉकेट बना LPG का दाम, एक सिलेंडर की कीमत 3700 के पार, ये है वजह

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Mar 10, 2024, 04:17 PM IST

LPG cylinder Price In Pakistan: रमजान आते ही पाकिस्तान में रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर के दाम तेजी बढ़ गए। 11.8 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की आधिकारिक कीमतों से काफी ज्यादा 3700 से 4000 तक बेचे जा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह कालाबाजारी है।

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पाकिस्तान में काफी महंगा है एलपीजी सिलेंडर (तस्वीर-फेसबुक)

LPG cylinder Price In Pakistan: पाकिस्तान में रसोई गैस यानी तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) की कीमतों आग लग गई है। जिसकी बाजार रेट आधिकारिक रेट से 40 रुपए प्रति किलोग्राम से अधिक बढ़ गई है। रमजान के करीब कीमतें और बढ़ने की उम्मीद है। मार्च के लिए तेल और गैस रेगुलेटेरी ऑथरिटी (Ogra) ने एलपीजी की उपभोक्ता कीमतें 257.59 रुपए प्रति किलोग्राम निर्धारित की हैं, जो 11.8 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की आधिकारिक कीमत 3,040 रुपए है।

कई इलाको में 3700 से 4000 रुपए के बीच एलपीजी सिलेंडर

पाकिस्तानी मीडिया द डॉन के मुताबिक चूंकि रमजान के आगमन पर आम तौर पर जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जार ही है। एलपीजी में भी जबरदस्त उछाल देखा गया है। आधिकारिक रेट के विपरीत देश भर में एलपीजी की औसत बाजार कीमत बढ़कर करीब 310 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है, जो मुरी, गलियात और खैबर पख्तूनख्वा के कुछ हिस्सों समेत पहाड़ी क्षेत्रों में करीब 360 रुपए प्रति किलोग्राम और गिलगित-बाल्टिस्तान में और भी अधिक हो गई है। घरेलू सिलेंडर की कीमत अब विभिन्न बाजारों में 3700 रुपए से 4000 रुपए के बीच है।

एलपीजी की हो रही है कालाबाजारी

द डॉन के मुताबिक एलपीजी की बढ़ती कीमतों की वजह मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता को बताता है। एलपीजी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन पाकिस्तान के अध्यक्ष इरफान खोखर ने अपने विवेक से कीमतें बढ़ाने के लिए नियामक अंतराल का फायदा उठाने के लिए आयातकों की आलोचना की। खोखर ने डॉन को बताया कि यह एलपीजी की खुली कालाबाजारी है और यहां तक कि मुख्यधारा के शहरी इलाकों को भी नहीं बख्शा गया है। उन्होंने कहा कि रमजान के करीब आने पर सोमवार तक 30-40 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की उम्मीद है।

जब तक अपना प्लांट नहीं, तब तक नहीं रुकेगी कालाबाजारी

उन्होंने इस बात पर भी अफसोस जताया कि ओगरा अपनी ही अधिसूचनाओं को लागू करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि आयातकर्ता थोड़े समय के लिए कमी पैदा करते हैं और उस स्थिति का उपयोग कीमतें बढ़ाने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि आयातकों द्वारा कालाबाजारी तब तक नहीं रुकेगी जब तक देश अपने स्थानीय एलपीजी उत्पादन को नहीं बढ़ाता। श्री खोखर ने कहा कि करीब तीन साल पहले स्थानीय एलपीजी प्लांट जेजेवी के बंद होने के बाद देश एलपीजी आयातकों की दया पर निर्भर है और ऐसा लगता है कि ओगरा भी इन लोगों के सामने असहाय है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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