Onion Prices : देश में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने और बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार की मुहिम रंग ला रही है। मंगलवार को उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने जानकारी दी कि बफर स्टॉक से 840 टन प्याज लेकर जाने वाली दूसरी 'कांदा एक्सप्रेस' ट्रेन 31 अगस्त को चेन्नई पहुंच गई है। तमिलनाडु सरकार इस प्याज का उपयोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत करने की योजना बना रही है, जिसके जरिए राज्य के हर राशन कार्डधारक को 1 किलो प्याज दिया जाएगा। यह पूरी खेप तमिलनाडु के अलग-अलग जिलों में बांटी जाएगी।
दिल्ली के बाद अब चेन्नई तक पहुंची राहत
इससे पहले 27 अगस्त की देर रात पहली 'कांदा एक्सप्रेस' 450 टन प्याज लेकर दिल्ली पहुंची थी। उसमें से 140 टन प्याज उत्तर भारत के प्रमुख शहरों जैसे वाराणसी, लखनऊ, चंडीगढ़ और अमृतसर भेजा गया था, जबकि बाकी हिस्सा दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में वितरित किया गया था। दोनों ही कांदा एक्सप्रेस ट्रेनों को देश के प्रमुख प्याज उत्पादक केंद्र, नासिक (महाराष्ट्र) से रवाना किया गया था।
सड़क और रेल मार्ग से आपूर्ति, 35 रुपये किलो बिक रहा प्याज
प्याज की जमाखोरी रोकने और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार हाइब्रिड मॉडल (रेल और सड़क परिवहन का एक साथ इस्तेमाल) अपना रही है।
- सड़क परिवहन:- रेल के साथ-साथ सड़क मार्ग से भी लगभग 1,000 टन प्याज बड़े शहरों और मंडियों तक भेजा जा रहा है।
- खुदरा बिक्री:- देश के 19 प्रमुख शहरों (जैसे दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, पटना, चेन्नई, कोच्चि आदि) में 30 से ज्यादा ट्रकों के जरिए खुदरा बिक्री बढ़ाई गई है।
- रिएयती दर:- ग्राहकों को राहत देने के लिए NCCF, NAFED, केंद्रीय भंडार और मोबाइल वैन के माध्यम से 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर प्याज बेचा जा रहा है।
कीमतों में आई गिरावट, बफर स्टॉक से मिल रही मदद
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मुताबिक, 24 अगस्त से 'प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड' (PSF) के तहत बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस साल सरकार ने बफर स्टॉक में कुल 1.21 लाख टन प्याज जमा किया था। बफर प्याज की बिक्री शुरू होते ही दिल्ली, वाराणसी और अमृतसर जैसे शहरों में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में आपूर्ति सामान्य रहने से दाम स्थिर रहने की उम्मीद है।
किसानों को समय पर भुगतान और कड़ी सुरक्षा
सरकार ने उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा है। प्याज उत्पादक करीब 3,400 किसानों को सीधे 210 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अलावा, रेलवे रैक के जरिए बड़ी मात्रा में प्याज की ढुलाई और वितरण के दौरान किसी भी तरह की कालाबाजारी या गड़बड़ी को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
