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होर्मुज से भारत के लिए आई अच्छी खबर, 62370 टन LNG लेकर आ रहा भारतीय पोत ‘दिशा’, 18 जून को पहुंचेगा दहेज बंदरगाह

ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते पर सहमति बनने की घोषणा के बाद भारत के लिए भी बड़ी और राहत भरी खबर आई है। समझौते के एलान के बाद एलएनजी से भरा जहाज ’दिशा’ होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकल गया है। यह जहाज 62,370 टन एलएनजी लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकला भारतीय पोत 'दिशा'।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों और चालक दलों वाले जहाजों के लिए बुरे समय के आसपास बने सुरक्षा जोखिमों के बीच भारत के लिए राहतभरी खबर आई है। भारतीय ध्वज वाला एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) पोत ‘दिशा’ युद्ध प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकलने वाला पहला भारतीय जहाज बन गया है।

भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड (एससीआई) के नेतृत्व वाले समूह द्वारा प्रबंधित यह पोत 62,370 टन एलएनजी लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है। पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार जहाज के 18 जून के आसपास गुजरात के दहेज बंदरगाह पहुंचने की संभावना है। मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने सोमवार को बताया कि पोत ने सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया है। ऐसे समय में जब क्षेत्रीय संघर्षों के कारण वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंकाएं बनी हुई हैं, यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

मंत्रालय ने बताया कि नौवहन महानिदेशालय भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों, शिपिंग कंपनियों और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है। समुद्री क्षेत्र में उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए एक विशेष नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रखा गया है।

    अधिकारियों के अनुसार, पिछले 96 घंटों के दौरान नियंत्रण कक्ष ने 12,737 कॉल और 28,299 से अधिक ईमेल का निपटान किया है। इसी अवधि में नाविकों, उनके परिवारों और अन्य समुद्री हितधारकों से 406 कॉल तथा 784 ईमेल प्राप्त हुए। मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि अब तक 3,587 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा चुकी है, जिनमें पिछले 96 घंटों में लौटे 50 नाविक भी शामिल हैं।

    सरकार ने कहा है कि देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर परिचालन सामान्य रूप से जारी है और कहीं से भी माल ढुलाई या जहाजों की आवाजाही में किसी प्रकार के जाम अथवा व्यवधान की सूचना नहीं मिली है। भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस घटनाक्रम को पश्चिम एशिया में अस्थिर हालात के बीच एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    Shiv Shukla
    शिव शुक्लाauthor

    शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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