Israel News: एक ओर जहां ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता हो चुका है। जंग पूरी तरफ से थम चुकी है, वहीं दूसरी ओर इजराइल उन इलाकों को लौटाने के लिए तैयार नहीं है, जो उसने इस जंग के दौरान या पहले कब्जा किए हैं। इजराइल ने साफ कर दिया है कि वो गाजा (Gaza), सीरिया (Syria) और लेबनान (Lebanon) में कब्जा किए गए इलाकों को नहीं छोड़ेगा।
इजराइल के रक्षा मंत्री का ऐलान
इजराइल के रक्षा मंत्री ने सोमवार को कहा कि जब तक ईरान और अमेरिका के बीच अंतरिम समझौता लंबित है तब तक इजराइली सेना लेबनान में कब्जाई गई जमीन से पीछे नहीं हटेगी। अंतरिम समझौते की घोषणा के बाद इजराइल की ओर से यह पहली आधिकारिक टिप्पणी है। इजराइल काट्ज ने कहा कि इजराइल, लेबनान के साथ-साथ सीरिया और गाजा पट्टी में कब्जाई जमीन पर ’अनिश्चित काल’ तक बने रहने की योजना बना रहा है।
लेबनान को लेकर अड़ा है ईरान
ईरान द्वारा युद्ध से जुड़े इस अंतरिम समझौते को लेबनान में हिज्बुल्ला पर इजराइली हमलों को रोकने से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। काट्ज ने चेतावनी दी कि अगर लेबनान में इजराइली हमलों के जवाब में ईरान, उस पर हमला करता है, तो इजराइली सेना ’पूरी ताकत’ से जवाबी हमला करेगी। पिछले ढाई वर्षों में इजराइल ने गाजा, लेबनान और सीरिया के कुछ इलाकों पर नियंत्रण स्थापित किया है। इन इलाकों का कुल क्षेत्रफल लगभग 1,000 वर्ग किलोमीटर है, जो आकार में न्यूयॉर्क से थोड़ा छोटा है।
107 दिन बाद समझौता
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिन तक जारी रहे युद्ध को समाप्त करने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति बन गई है। समझौते पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाएंगे और इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मुद्दों पर बाद में चर्चा होने की संभावना है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते पर सहमति बनने की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य स्थित ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाने को मंजूरी दे दी है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टेलीविजन पर इस समझौते पर सहमति की पुष्टि की लेकिन कहा कि ईरान शुक्रवार को औपचारिक हस्ताक्षर होने से पहले इसे लागू करना शुरू नहीं करेगा।
