India Crude Oil Import From Russia:चीन और भारत रूस से कच्चा तेल खरीदने में सबसे आगे रहे हैं। जुलाई में भारत और चीन ने मिलकर रूस से उसके कुल निर्यात का 84 फीसदी तेल खरीदा है। इसके अलावा दोनों देश कोयला भी बड़े पैमाने पर रूस से खरीद रहे हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल उपभोक्ता और आयातक भारत ने जुलाई में रूस से 2.8 अरब डॉलर का कच्चा तेल खरीदा। इस लिहाज से भारत चीन के बाद दूसरे स्थान पर है, जो रूसी तेल का सबसे बड़ा आयातक बना हुआ है। रूस भारत के लिए कच्चे तेल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। इस तेल को रिफाइनरियों में पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में परिवर्तित किया जाता है।
भारत उठा रहा डिस्काउंट का फायदा, 40 फीसदी पहुंचा शेयर
फरवरी, 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद कुछ यूरोपीय देशों द्वारा रूस से खरीद से परहेज करने के बाद रूसी तेल छूट पर उपलब्ध था।
इसके बाद भारत ने डिस्काउंट पर बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात शुरू कर दिया । युद्ध के पहले रूस से कच्चे तेल का आयात उसके कुल आयातित तेल का एक प्रतिशत से भी कम था। यह अब भारत की कुल तेल खरीद का लगभग 40 प्रतिशत हो गया है।सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि चीन और भारत ने रूस से कोयला भी खरीदा।
और कौन से देश रूस से खरीद रहे हैं कच्चा तेल
सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) ने एक रिपोर्ट में कहा कि चीन ने रूस के कच्चे तेल निर्यात का 47 प्रतिशत खरीदा, उसके बाद भारत (37 प्रतिशत), यूरोपीय संघ (सात प्रतिशत) और तुर्किये (छह प्रतिशत) रहा।सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि चीन और भारत ने रूस से कोयला भी खरीदा।रिपोर्ट के अनुसार, पांच दिसंबर, 2022 से जुलाई, 2024 के अंत तक चीन ने रूस के कुल कोयला निर्यात का 45 प्रतिशत खरीदा, उसके बाद भारत (18 प्रतिशत) का स्थान रहा। तुर्किये (10 प्रतिशत), दक्षिण कोरिया (10 प्रतिशत) और ताइवान (पांच प्रतिशत) टॉप पांच खरीदार हैं।
