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JPSC-JSSC आंदोलन में वार्ता पर फंसा पेंच: छात्र पहुंचे लेकिन नहीं आए मंत्री, इंतजार में ही कट गया वक्त, प्रदर्शन उग्र होने के आसार

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन में नया पेच फंस गया है।

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आंदोलनरत छात्रों से सरकार की नहीं हो सकी बात। (फोटो- pti)

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को 24वें दिन में पहुंच गया। सरकार के साथ बातचीत से समाधान की उम्मीद लगाए आंदोलनकारी छात्र तय समय पर वार्ता के लिए स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे,लेकिन वहां उनका इंतजार लंबा हो गया। सरकार की ओर से बातचीत के लिए गठित मंत्रियों का पैनल बैठक में नहीं पहुंचा और प्रस्तावित वार्ता शुरू नहीं हो सकी।

दरअसल, रविवार शाम सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों को सोमवार को बातचीत के लिए बुलाया था। इसके बाद माना जा रहा था कि लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को खत्म करने की दिशा में कोई रास्ता निकल सकता है। छात्र नेताओं ने भी बातचीत में शामिल होने के लिए हामी भरी और प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक स्थल पहुंच गए। हालांकि, तय समय बीतने के बाद भी मंत्री नहीं पहुंचे।

बातचीत की उम्मीद लेकर पहुंचे, इंतजार के बाद निराश लौटे

काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद वार्ता शुरू नहीं होने से छात्रों में नाराजगी दिखाई दी। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार ने खुद बातचीत का प्रस्ताव दिया था, ऐसे में मंत्रियों का बैठक में नहीं पहुंचना समझ से परे है। छात्र नेताओं ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से चर्चा नहीं करनी थी तो उन्हें वार्ता के लिए बुलाने की जरूरत क्या थी। उनका आरोप है कि लगातार आंदोलन के बावजूद सरकार ठोस कदम उठाने के बजाय मामले को टाल रही है। इस बीच,पहले ही नियुक्त हो चुके JSSC-CGL के सफल अभ्यर्थियों का एक समूह भी राज्य सचिवालय के बाहर पहुंचा। उन्होंने मुख्यमंत्री से परीक्षा रद्द नहीं करने की अपील की।

सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच प्रस्तावित बातचीत का यह सातवां दौर होना था। इससे पहले हुई बैठकों में किसी ठोस नतीजे पर सहमति नहीं बन सकी थी। छात्र प्रतिनिधिमंडल में JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह और रविंद्र कुमार रवि समेत अन्य सदस्य शामिल होने वाले थे।

14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने का संकेत

ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने संकेत दिया कि सरकार प्रदर्शनकारियों की कुछ मांगों पर सकारात्मक कदम उठा सकती है। उन्होंने कहा कि 14वीं JPSC परीक्षा रद्द की जाएगी। उन्होंने कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पत्र लिखने की भी बात कही। साथ ही कहा कि CID की जांच अदालत की निगरानी में कराई जाएगी। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए भर्ती व्यवस्था में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान

रविंद्र पासवान ने कहा कि छात्र बातचीत के जरिए विवाद का समाधान चाहते हैं,लेकिन वे अपनी दो प्रमुख मांगों-भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने,पर कायम हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ JMM-कांग्रेस गठबंधन उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय राजनीति कर रहा है। आंदोलनकारियों ने शनिवार को 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का भी ऐलान किया था और पूरे झारखंड के छात्रों से रांची पहुंचने की अपील की थी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं करते हैं तो वे उनके इस्तीफे की मांग करेंगे। उन्होंने कांग्रेस से भी JMM नेतृत्व वाली सरकार पर दबाव बनाने और जरूरत पड़ने पर समर्थन वापस लेने की मांग की।

विपक्ष का भी मिला समर्थन

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रविवार को मुख्यमंत्री से छात्रों की मांगें स्वीकार करने की अपील की और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग का समर्थन किया। मरांडी ने कहा कि सरकार को CBI जांच का आदेश देना चाहिए और पूछा कि आखिर सरकार ऐसी जांच से क्यों डर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार निष्क्रिय रही तो और अधिक युवा और छात्र सड़कों पर उतर सकते हैं।

मुख्यमंत्री आवास के प्रस्तावित घेराव पर उन्होंने कहा कि भाजपा तीन सप्ताह से अधिक समय से शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे छात्रों को नैतिक समर्थन देगी। वहीं, प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ किसी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी छात्रों की चिंताओं को उठाएगी और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा समयबद्ध प्रक्रिया के लिए प्रयास करेगी। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया है। उनका कहना है कि राहुल गांधी ने छात्रों के समर्थन में बयान तो दिए, लेकिन इसके बाद उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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