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Edible Oil Import: जानें भारत के लोग कितना यूज कर रहे हैं रिफाइंड और पाम ऑयल, इन देशों से होती है सप्लाई

Edible Oil Import: इंडोनेशिया और मलेशिया भारत को आरबीडी पामोलिन और कच्चे पाम तेल (सीपीओ) के प्रमुख रुप से सप्लाई करते हैं। जबकि कच्चे सोयाबीन डीगम्ड तेल का आयात मुख्य रूप से अर्जेंटीना और ब्राजील से किया जाता है। जबकि कच्चे सूरजमुखी तेल का आयात रूस, रोमानिया, यूक्रेन और अर्जेंटीना से किया जाता है।

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खाने वाले तेल का आयात

Photo : BCCL

Edible Oil Import:मार्केटिंग ईयर 2023-24 के पहले नौ महीनों (नवंबर-जुलाई) में भारत का खाद्य तेल आयात मामूली 1.6 प्रतिशत घटकर 119.35 लाख टन रह गया है। हालांकि इस दौरान गैर-खाद्य तेलों का आयात 1,32,242 टन से बढ़कर 1,88,955 टन हो गया। भारत की 50 प्रतिशत से अधिक खाद्य तेल की मांग आयात के जरिए पूरी की जाती है। इंडोनेशिया और मलेशिया भारत को आरबीडी पामोलिन और कच्चे पाम तेल (सीपीओ) की सप्लाई करते हैं। कच्चे सोयाबीन डीगम्ड तेल का आयात मुख्य रूप से अर्जेंटीना और ब्राजील से किया जाता है।

रिफाइंड और पॉम आॉयल का कितना हुआ आयात

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के अनुसार, नवंबर 2023-जुलाई 2024 की अवधि के दौरान खाना पकाने के तेलों का आयात 1,19,35,227 टन रहा, जबकि मार्केटिंग ईयर 2022-23 की इसी अवधि में यह 1,21,22,711 टन था। मार्केटिंग ईयर नवंबर से अक्टूबर तक चलता है। भारत की 50 प्रतिशत से अधिक खाद्य तेल की मांग आयात के माध्यम से पूरी की जाती है।

चालू तेल वर्ष के पहले नौ महीनों के दौरान वनस्पति तेलों (खाद्य और गैर-खाद्य तेलों) का कुल आयात 121.24 लाख टन रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 122.55 लाख टन की तुलना में एक प्रतिशत कम है।

तेल वर्ष 2023-24 के पहले नौ महीनों में भारत ने 15,18,671 टन रिफाइंड खाद्य तेल का आयात किया, जो पिछले तेल वर्ष की इसी अवधि के दौरान आयात किए गए 16,40,960 टन से सात प्रतिशत कम है। कच्चे खाद्य तेलों का आयात 1,04,81,751 टन से एक प्रतिशत घटकर 1,04,16,556 टन रह गया।

तेल वर्ष 2023-24 के पहले नौ महीनों के दौरान कुल पाम ऑयल आयात चार प्रतिशत घटकर 68,45,097 टन रह गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 71,17,834 टन था। इसके विपरीत, सॉफ्ट ऑयल का आयात 50,04,877 टन से बढ़कर 50,90,131 टन हो गया।

किन देशों से होता है ज्यादा आयात

इंडोनेशिया और मलेशिया भारत को आरबीडी पामोलिन और कच्चे पाम तेल (सीपीओ) के प्रमुख रुप से सप्लाई करते हैं। जबकि कच्चे सोयाबीन डीगम्ड तेल का आयात मुख्य रूप से अर्जेंटीना और ब्राजील से किया जाता है। जबकि कच्चे सूरजमुखी तेल का आयात रूस, रोमानिया, यूक्रेन और अर्जेंटीना से किया जाता है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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