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सितंबर की बारिश जेब को करेगी कूल ! जानें कब खाने-पीने के सामान होंगे सस्ते

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Sep 15, 2023, 03:58 PM IST

Impact Of September Rainfall On Food Inflation: सितंबर के महीने में बारिश अच्छी होने से देश के प्रमुख फसल उत्पादन करने वाले राज्यों में फसलों की बुआई बढ़ी है। इसका असर धान और सोयाबीन के रकबे में बढ़ोतरी के रूप में दिख रहा है।

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बारिश देगी राहत

Impact Of September Rainfall On Food Inflation:जुलाई-अगस्त में बारिश का आंख-मिचौली ने खाने-पीने की चीजों को जेब पर भारी कर दिया। पहले टमाटर, फिर दूसरी सब्जियों और चावल-गेंहू की बढ़ती कीमतों ने महंगाई को दो अंकों तक पहुंचा दिया था। लेकिन अब रिटेल खाद्यान्न महंगाई घट रही है। जुलाई के मुकाबले अगस्त में यह 11.51 फीसदी से घटकर 9.94 फीसदी पर आ गई है। इसके अलावा अगस्त के मुकाबले सितंबर में अच्छी बारिश भी महंगाई को आने वाले दिनों में कूल कर सकती है। ऐसा अनुमान है कि सितंबर में बेहतर बारिश होने से खरीफ फसलों का उत्पादन बढ़ सकता है। जिसका असर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में कमी के रूप में दिख सकता है।

धान और सोयाबीन का रकबा बढ़ा

सितंबर के महीने में बारिश अच्छी होने से देश के प्रमुख फसल उत्पादन करने वाले राज्यों में फसलों की बुआई बढ़ी है। इसका असर धान और सोयाबीन के रकबे में बढ़ोतरी के रूप में दिख रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 8 सितंबर तक धान का रकबा 2.7 फीसदी यानी 4.03 करोड़ हेक्टेअर बढ़ गया है। इसी तरह सोयाबीन का रकबा करीब 1.3 फीसदी यानी 1.25 करोड़ हेक्टेअर बढ़ा है।

अच्छी बात यह है कि पंजाब और हरियाणा जो कि उत्तर भारत के प्रमुख धान उत्पादक राज्य है। वहां पर इस बारिश पानी की जरूरत पूरी हो गई है। इसके अलावा सितंबर में बेहतर बारिश से पूर्वी भारत के राज्यों में धान की बुआई बढ़ने की उम्मीद है।

चुनावी दौर में सरकार एक्स्ट्रा अलर्ट

खाने-पीने की चीजों के दाम लगातार बढ़ने को देखते हुए सरकार ने अधिकांश खाद्य पदार्थों के कारोबार को रेग्युलेट कर दिया है। उसने चावल और गेहूं के निर्यात पर सख्ती कर दी। इसी तरह, दालों के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी है और अरहर एवं उड़द दाल पर स्टॉक लिमिट लगाने के साथ मसूर दाल के स्टॉक की मॉनिटरिंग बढ़ा दी है। लेकिन जिस तरह मौसम अनुकूल हुआ है, उसे देखते हुए जब खरीफ की नई फसलें बाजार में आएंगी। तो महंगाई में कमी आएगी ।भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पूरे साल के लिए 2023-24 के लिए रिटेल महंगाई दर 5.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। जो कि उसके सामान्य मानक जैसा है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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