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कम ब्याज दर पर कैसे पाएं बड़ा Home Loan? ये स्मार्ट फाइनेंस टिप्स बचाएंगे आपके लाखों रुपये

सपनों का घर लेने के लिए होम लोन की जरूरत पड़ती है और होम लोन के लिए लोन पात्रता मायने रखती है। ऐसे में कुछ खास बातों का ध्यान रख पात्रता को बेहतर किया जा सकता है।

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होम लोन एलिजिबिलिटी (Photo: iStock)

घर खरीदना हर दूसरे व्यक्ति का सपना होता है, लेकिन बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों के कारण अक्सर खरीदारों को बड़े होम लोन (Home Loan) की जरूरत पड़ती है। ऐसे में व्यक्ति की लोन पात्रता (Home Loan Eligibility) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अगर पात्रता बेहतर होगी तो बैंक से अधिक लोन राशि मिलने की संभावना बढ़ जाती है। कुछ स्मार्ट वित्तीय कदम अपनाकर होम लोन पात्रता को बेहतर बनाया जा सकता है, जिससे घर खरीदने का सपना आसानी से पूरा हो सकता है।

आवेदक की आय

बैंक किसी भी होम लोन आवेदन का मूल्यांकन करते समय सबसे पहले आवेदक की आय को देखते हैं। जितनी अधिक और स्थिर आय होगी, उतनी ही अधिक लोन पात्रता हो सकती है। अगर आपकी आय के अतिरिक्त कोई अन्य नियमित स्रोत है, जैसे किराये की आय, फ्रीलांस काम या निवेश से प्राप्त नियमित कमाई, तो उसे भी आवेदन के दौरान शामिल करना चाहिए। इससे बैंक को आपकी भुगतान क्षमता मजबूत दिखाई देती है।

पुराने लोन

अगर आपके ऊपर पहले से पर्सनल लोन, कार लोन या क्रेडिट कार्ड का बड़ा बकाया है, तो यह आपकी होम लोन पात्रता को प्रभावित कर सकता है। बैंक आमतौर पर आपके डेट-टू-इनकम रेशियो (Debt-to-Income Ratio) को देखते हैं। इसलिए होम लोन के लिए आवेदन करने से पहले छोटे और महंगे कर्जों को कम करना या चुकाना लाभदायक हो सकता है। इससे आपकी मासिक वित्तीय जिम्मेदारियां कम होंगी और बैंक को लगेगा कि आप नए लोन की EMI आसानी से चुका सकते हैं।

क्रेडिट स्कोर

क्रेडिट स्कोर होम लोन अप्रूवल और ब्याज दर दोनों को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण कारक है। समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करने से अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखा जा सकता है। बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों को बैंक अक्सर अधिक अनुकूल शर्तों और प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर लोन देने के लिए तैयार रहते हैं।

सह-आवेदक

अगर आपकी आय अकेले पर्याप्त नहीं है तो परिवार के किसी कमाऊ सदस्य को सह-आवेदक (Co-applicant) के रूप में जोड़ सकते हैं। पति-पत्नी या माता-पिता के साथ संयुक्त आवेदन करने पर दोनों की आय को ध्यान में रखा जाता है, जिससे लोन पात्रता बढ़ सकती है। यह तरीका बड़े लोन की जरूरत वाले खरीदारों के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।

होम लोन की अवधि

होम लोन की अवधि बढ़ाने से EMI कम हो सकती है और बैंक की नजर में आपकी पुनर्भुगतान क्षमता बेहतर दिखाई दे सकती है। कम EMI के कारण बैंक अधिक लोन राशि स्वीकृत करने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि लंबी अवधि चुनने से कुल ब्याज भुगतान बढ़ सकता है, इसलिए इस विकल्प का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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