Home Loan Interest Rates: घर खरीदने के लिए होम लोन लेते समय अधिकांश लोग केवल ब्याज दर (Home Loan Interest Rates) पर ध्यान देते हैं, लेकिन यह समझना भी उतना ही जरूरी है कि ब्याज की गणना किस तरीके से की जा रही है। आमतौर पर ब्याज की गणना दो तरीकों Flat Interest Rate और Reducing Balance Method से होती है। दोनों के बीच का अंतर समझना जरूरी है, क्योंकि यही तय करता है कि लंबे समय में आप कितना ब्याज चुकाएंगे। I
Flat Interest Rate
Flat Interest Rate में बैंक पूरे लोन कार्यकाल के दौरान मूल लोन राशि (Principal Amount) पर ही ब्याज की गणना करता है। यानी आपने चाहे कई EMI भरकर लोन का बड़ा हिस्सा चुका दिया हो, फिर भी ब्याज की गणना शुरुआती लोन राशि पर ही होती रहती है।
Reducing Balance Interest Rate
दूसरी ओर, Reducing Balance Interest Rate में ब्याज की गणना बकाया (Outstanding) लोन राशि पर की जाती है। हर EMI के साथ मूलधन का एक हिस्सा कम होता जाता है और अगले महीने ब्याज उसी कम हुई राशि पर लगाया जाता है। इसका मतलब है कि समय के साथ ब्याज का बोझ भी कम होता जाता है। EMI की कुल राशि भले ही समान रहे, लेकिन उसमें ब्याज और मूलधन का अनुपात बदलता रहता है। धीरे-धीरे ब्याज का हिस्सा घटता है और मूलधन चुकाने वाला हिस्सा बढ़ता जाता है।
कौन-सा विकल्प ज्यादा बेहतर
दोनों तरीकों की तुलना करें तो Flat Rate का सबसे बड़ा फायदा इसकी सरलता है। EMI और कुल भुगतान का अनुमान लगाना आसान होता है। हालांकि, यह सुविधा अक्सर अधिक कुल ब्याज लागत के साथ आती है। वहीं Reducing Balance Method थोड़ा जटिल जरूर लगता है, लेकिन लंबे समय में उधारकर्ता को काफी बचत करा सकता है क्योंकि ब्याज लगातार घटती हुई राशि पर लगाया जाता है।
छोटे और कम अवधि वाले लोन में Flat Rate और Reducing Rate के बीच का अंतर बहुत बड़ा नहीं हो सकता। लेकिन अगर लोन राशि बड़ी हो और अवधि लंबी हो, तो Reducing Balance Method से कुल ब्याज भुगतान में एक बड़ी कमी ला सकतता है। यही कारण है कि बड़े पर्सनल लोन या लंबी अवधि के लोन जैसे होम लोन के लिए यह तरीका अधिक किफायती माना जाता है।
कौन-सा विकल्प है सबसे सस्ता?
अगर आपका उद्देश्य लोन की कुल लागत को कम रखना है तो Reducing Balance Interest Rate आमतौर पर सबसे सस्ता और लाभदायक विकल्प माना जाता है। इसमें आप केवल बकाया राशि पर ब्याज चुकाते हैं, जबकि Flat Rate में पूरे कार्यकाल के दौरान मूल लोन राशि पर ब्याज देना पड़ता है। यही वजह है कि समान दिखने वाली ब्याज दरों के बावजूद Reducing Rate वाले लोन में कुल ब्याज भुगतान कम हो सकता है।
