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सहारा समूह में पैसा लगाने वालों के लिए राहत की खबर, अब मिलेंगे 50,000 रुपये

govt raises sahara refund amount: सहकारिता मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रिफंड राशि की सीमा बढ़ाकर 50,000 रुपये करने से अगले 10 दिनों में लगभग 1,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए 16 जुलाई तक सहारा समूह की सहकारी समितियों के 4.2 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को 362.91 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका था।

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सहारा रिफंड

Photo : BCCL

Sahara Refund: केंद्र सरकार ने सहारा समूह सहकारी समितियों के छोटे जमाकर्ताओं के लिए रिफंड राशि की सीमा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी है। बता दें कि सरकार ने अब तक सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से सहारा समूह के सहकारी समितियों के 4.29 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को 370 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

10 दिनों में होगा 1,000 करोड़ का भुगतान

सहकारिता मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा, "रिफंड राशि की सीमा बढ़ाकर 50,000 रुपये करने से अगले 10 दिनों में लगभग 1,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।" उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह छोटे जमाकर्ताओं के लिए रिफंड राशि की सीमा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई थी। रिफंड जारी करने से पहले सरकार जमाकर्ताओं के दावों की जांच कर रही है।

सहारा रिफंड पोर्टल

इसके पहले सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए 16 जुलाई तक सहारा समूह की सहकारी समितियों के 4.2 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को 362.91 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका था। पोर्टल की शुरुआत 29 मार्च, 2023 को उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद हुई थी। जिस पर आवेदन करने के बाद फिलहाल सरकार प्रत्येक निवेशक को अधिकतम 10,000 रुपये का पेमेंट कर रही है।

अब इस लिमिट को बढ़ाकर 50,000 रुपये किया गया है। बता दें कि सहारा के करीब 10 करोड़ निवेशकों का पैसा फंसा हुआ है। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने 5,000 करोड़ रु सहारा-सेबी रिफंड खाते से केंद्रीय सहकारी समिति रजिस्ट्रार (सीआरसीएस) को ट्रांसफर करने के आदेश दिया था।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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