Gold Silver Import : भारत में सोने और चांदी की कीमतें लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही हैं, लेकिन इसके बावजूद अप्रैल महीने में इन दोनों कीमती धातुओं का आयात तेजी से बढ़ा है। वाणिज्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में भारत का सोने का आयात 81.69 प्रतिशत बढ़कर 5.62 अरब डॉलर पहुंच गया। वहीं चांदी का आयात भी 157 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 41.1 करोड़ डॉलर हो गया। हालांकि सरकार का मानना है कि आने वाले महीनों में यह बढ़ोतरी धीमी पड़ सकती है, क्योंकि सोने (gold import duty hike) और चांदी पर आयात शुल्क (Silver import duty hike) बढ़ा दिया गया है।
सरकार ने बढ़ाया आयात शुल्क
सरकार ने 13 मई से सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि शुल्क बढ़ने का असर आने वाले समय में साफ दिखाई देगा और सोने-चांदी के आयात में कमी आ सकती है। उनका कहना है कि ऊंची कीमतों और ज्यादा शुल्क की वजह से उपभोक्ताओं की मांग घट सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि चांदी का इस्तेमाल केवल आभूषणों में ही नहीं बल्कि उद्योगों में भी बड़े स्तर पर होता है। इसी कारण चांदी पर शुल्क बढ़ोतरी का असर सोने की तुलना में कम हो सकता है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा सोने का आयात
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल सोना आयात मूल्य के हिसाब से 24 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर पहुंच गया। हालांकि मात्रा के लिहाज से सोने का आयात घटा है। पिछले वित्त वर्ष में भारत ने 721.03 टन सोना आयात किया, जो एक साल पहले के मुकाबले करीब 4.76 प्रतिशत कम है। आंकड़ों के मुताबिक, 2023-24 में भारत ने 795 टन सोना आयात किया था, जबकि 2024-25 में यह घटकर 757 टन रह गया। यानी कीमतें बढ़ने के कारण कम मात्रा में सोना खरीदने के बावजूद आयात बिल काफी बढ़ गया।
यूएई से सोने के आयात पर सरकार की सफाई
भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता यानी सीईपीए एक मई 2022 से लागू है। इस समझौते के तहत भारत को रियायती शुल्क पर सीमित मात्रा में सोना आयात करने की सुविधा दी गई थी। इसके लिए शुल्क दर कोटा यानी टीआरक्यू व्यवस्था बनाई गई थी। हालांकि हाल के दिनों में यह चर्चा थी कि यूएई से सस्ते शुल्क पर होने वाला सोने का आयात भारत के कुल आयात को बढ़ा रहा है। इस पर वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि इसका वास्तविक असर बहुत कम रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2025-26 में टीआरक्यू व्यवस्था के तहत केवल लगभग 8 टन सोने के आयात की अनुमति थी, जबकि पूरे साल में भारत ने कुल 721 टन सोना आयात किया। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक इस व्यवस्था के तहत वास्तव में केवल करीब एक टन सोना ही आयात हुआ था। इसलिए भारत के कुल स्वर्ण आयात में यूएई समझौते की भूमिका बेहद सीमित रही।
स्विट्जरलैंड बना सबसे बड़ा स्रोत
भारत के कुल सोना आयात में सबसे बड़ी हिस्सेदारी स्विट्जरलैंड की है। देश के कुल सोना आयात का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा स्विट्जरलैंड से आता है। इसके बाद यूएई की हिस्सेदारी 16 प्रतिशत से ज्यादा और दक्षिण अफ्रीका की करीब 10 प्रतिशत है। अप्रैल महीने में स्विट्जरलैंड से भारत का कुल आयात 26.73 प्रतिशत बढ़कर 1.47 अरब डॉलर पहुंच गया। सरकार का कहना है कि यूएई से आयात बढ़ने की भरपाई स्विट्जरलैंड से बढ़ते आयात ने कर दी है।
डोर गोल्ड का आयात भी जारी
वाणिज्य सचिव ने कहा कि भारत में रिफाइनिंग यानी शोधन के लिए डोर गोल्ड का आयात लगातार स्थिर बना हुआ है। डोर गोल्ड अर्ध-शोधित सोना होता है, जिसे भारत में शुद्ध किया जाता है। इसका सालाना आयात लगभग 250 से 300 टन के बीच रहता है। यह सोना अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और अमेरिका सहित कई देशों से आता है।
चांदी के आयात में भी भारी उछाल
सोने के साथ-साथ चांदी के आयात में भी जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले वित्त वर्ष में चांदी का आयात लगभग 150 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर पहुंच गया। मात्रा के हिसाब से यह 42 प्रतिशत बढ़कर 7,334.96 टन रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उद्योगों में बढ़ती मांग के कारण चांदी का आयात तेजी से बढ़ा है।
व्यापार घाटा बढ़कर तीन महीने के उच्च स्तर पर
अप्रैल में सोने और चांदी के आयात में आई तेज बढ़ोतरी का असर देश के व्यापार घाटे पर भी पड़ा। भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 28.38 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले तीन महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। इसी बीच भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, चालू खाते का घाटा अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बढ़कर 13.2 अरब डॉलर यानी जीडीपी का 1.3 प्रतिशत हो गया। हालांकि अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान यह घटकर 30.1 अरब डॉलर यानी जीडीपी का एक प्रतिशत रहा।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता
भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है। देश में सोने की मांग मुख्य रूप से आभूषण उद्योग और निवेश के लिए होती है। फिलहाल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सभी करों सहित सोने की कीमत करीब 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत लगभग 2.53 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंची कीमतों और बढ़े हुए आयात शुल्क के कारण आने वाले महीनों में सोने की मांग कुछ कमजोर पड़ सकती है।
