Indian Cryptocurrency Market : भारत में क्रिप्टोकरेंसी का क्रेज अब केवल बड़े मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रह गया है। CoinSwitch की Q2 2026 (दूसरी तिमाही) की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, देश के छोटे-बड़े राज्य भी क्रिप्टो की दुनिया में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। क्रिप्टो बाजार में अब विविधताओं भरा रुख देखने को मिल रहा है, जहां अलग-अलग राज्यों के निवेशक अपनी अनोखी पसंद और भागीदारी के साथ आगे आ रहे हैं। आइए जानते हैं कि इस तिमाही में किस राज्य ने क्रिप्टो निवेश की दौड़ में बाजी मारी और कहां क्या खास रुझान देखने को मिला।
उत्तर प्रदेश नंबर-1, तो हरियाणा में पुरुषों का वर्चस्व
उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह देश का सबसे बड़ा क्रिप्टो मार्केट है। 2026 की दूसरी तिमाही के दौरान कुल क्रिप्टो निवेश में अकेले यूपी की हिस्सेदारी 12.9% रही, जिसने इसे पूरे भारत में टॉप स्थान पर बनाए रखा है। दूसरी ओर हरियाणा भी इस रेस में पीछे नहीं है। हरियाणा ने कुल निवेश में 5.89% का योगदान दिया। हालांकि हरियाणा की सबसे खास बात यह रही कि यहां पुरुषों की भागीदारी सबसे अधिक दर्ज की गई। राज्य में कुल क्रिप्टो निवेशकों में से 83.6% पुरुष थे, जो देश भर में पुरुषों की भागीदारी का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली की मजबूत स्थिति
देश के बड़े व्यावसायिक और तकनीकी केंद्र क्रिप्टो बाजार की मजबूत नींव बने हुए हैं। महाराष्ट्र इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर रहा, जिसकी कुल क्रिप्टो निवेश में 12.39% की हिस्सेदारी रही। आईटी हब के रूप में मशहूर कर्नाटक 8.1% योगदान के साथ तीसरे स्थान पर कब्जा जमाने में कामयाब रहा। देश की राजधानी दिल्ली ने भी इस तिमाही में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। दिल्ली के निवेशकों ने कुल भारतीय क्रिप्टो निवेश में 7.38% का हिस्सा योगदान दिया। ये आंकड़े दिखाते हैं कि टेक-सैवी और आर्थिक रूप से समृद्ध क्षेत्रों में क्रिप्टो के प्रति विश्वास लगातार बना हुआ है।
आंध्र प्रदेश का अनोखा रिकॉर्ड
इस पूरी रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला और सकारात्मक बदलाव आंध्र प्रदेश में देखने को मिला। आंध्र प्रदेश ने कुल क्रिप्टो निवेश में 4.95% की हिस्सेदारी निभाई। इस राज्य की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यह देश का इकलौता ऐसा राज्य बना, जहां पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने अधिक निवेश किया। आंध्र प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी 59.3% दर्ज की गई। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश के निवेशकों की पसंद भी बाकी देश से अलग दिखी। जहां ज्यादातर जगहों पर पारंपरिक और बड़े डिजिटल एसेट्स को प्राथमिकता दी जाती है, वहीं आंध्र प्रदेश में 'डॉगकॉइन' सबसे पसंदीदा क्रिप्टो के रूप में उभरा। यह दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर निवेशकों की पसंद में कितना बड़ा अंतर हो सकता है।
राजस्थान, बंगाल, तमिलनाडु और बिहार
देश के अन्य राज्यों ने भी क्रिप्टो मार्केट में अपनी सम्मानजनक उपस्थिति दर्ज कराई है। राजस्थान 5.87% और पश्चिम बंगाल 5.25% की हिस्सेदारी के साथ देश के अग्रणी क्रिप्टो राज्यों में शामिल रहे। दक्षिण भारत से तमिलनाडु ने 4.95% का योगदान दिया जो कि आंध्र प्रदेश के बराबर है। वहीं, पूर्वी भारत से बिहार ने भी क्रिप्टो अपनाने के मामले में अपनी गति दिखाई और कुल निवेश में 4.29% की हिस्सेदारी हासिल की। इन राज्यों का बढ़ता ग्राफ इस बात का सबूत है कि क्रिप्टो साक्षरता अब हर कोने तक पहुंच रही है।
बाकी भारत की भूमिका और भविष्य के संकेत
टॉप 10 राज्यों के अलावा देश के बाकी हिस्सों की बात करें, तो अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने मिलकर कुल क्रिप्टो निवेश का 28.03% हिस्सा कवर किया। CoinSwitch की यह रिपोर्ट स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि भारत में क्रिप्टो निवेश अब किसी एक वर्ग या क्षेत्र तक सीमित नहीं है। यूपी का लीडर बनना, हरियाणा में पुरुषों का हावी होना और आंध्र प्रदेश में महिलाओं द्वारा डॉगकॉइन को पसंद करना, यह सब भारत के वित्तीय परिदृश्य में आ रहे एक नए और तकनीकी बदलाव की ओर इशारा करते हैं।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है, अगर आपको क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना है तो एक्सपर्ट्स से संपर्क करेें।)
