क्या आप जानते हैं आप सेविंग अकाउंट और एफडी के फायदे एक साथ ले सकते हैं? सेविंग अकाउंट के साथ एफडी के फायदे पाने के लिए आपको स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की Multi Option Deposit Scheme (MODS) के बारे में जानना चाहिए। अगर आपके सेविंग अकाउंट में अक्सर अतिरिक्त पैसा पड़ा रहता है और आप चाहते हैं कि उस पर सामान्य बचत खाते से अधिक ब्याज मिले एसबीआई की यह स्कीम आपके लिए ही है।
क्या है SBI MODS?

एसबीआई की मल्टी ऑप्शन डिपॉजिट स्कीम (Photo: iStock)
एसबीआई की मल्टी ऑप्शन डिपॉजिट स्कीम (MODS) एक तरह की टर्म डिपॉजिट योजना है। बैंक में इस स्कीम को दो तरीकों से ओपन किया जा सकता है। पहला तरीका यही है कि सेविंग अकाउंट के साथ Auto Sweep Facility के रूप में इस स्कीम का इस्तेमाल किया जा सकता है। दूसरा Stand-Alone MOD के रूप में भी स्कीम का फायदा लिया जा सकता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि सेविंग अकाउंट में मौजूद अतिरिक्त राशि पर ग्राहक को FD जैसी बेहतर ब्याज दर मिल सके। जब खाते में तय सीमा से अधिक पैसा जमा होता है, तो अतिरिक्त राशि अपने आप MODS में ट्रांसफर हो जाती है।
कैसे काम करती है स्कीम
MODS की सबसे बड़ी खासियत इसकी Auto Sweep और Reverse Sweep सुविधा है। यानी जब सेविंग अकाउंट का बैलेंस तय सीमा से ऊपर जाता है, तो अतिरिक्त रकम अपने आप MODS में जमा हो जाती है। वहीं, खाते में किसी भुगतान, चेक या ट्रांजैक्शन के लिए पर्याप्त राशि नहीं होती, तो MODS से आवश्यक रकम वापस सेविंग अकाउंट में आ जाती है। इसे Reverse Sweep कहा जाता है। इससे ग्राहक को FD जैसा ब्याज भी मिलता है और जरूरत पड़ने पर पैसा आसानी से उपलब्ध भी रहता है।
5 साल तक कर सकते हैं निवेश
इस योजना में 1 से 5 साल तक निवेश किया जा सकता है। स्कीम में आंशिक निकासी, लोन सुविधा, नामांकन और सीनियर सिटिजन को अतिरिक्त ब्याज जैसे लाभ भी मिलते हैं।
| फीचर | डिटेल्स |
|---|---|
| ऑटो स्वीप सुविधा | सेविंग अकाउंट में ₹50,000 से अधिक राशि होने पर अतिरिक्त पैसा अपने आप MODS में चला जाता है। |
| न्यूनतम बैलेंस | ऑटो स्वीप के बाद सेविंग अकाउंट में कम से कम ₹35,000 बैलेंस बना रहता है। |
| निवेश अवधि | 1 वर्ष से 5 वर्ष तक। |
| न्यूनतम जमा राशि | ₹15,000 और उसके बाद ₹5,000 के गुणकों में। |
| रिवर्स स्वीप सुविधा | जरूरत पड़ने पर MODS से ₹5,000 के गुणकों में राशि वापस सेविंग अकाउंट में आ जाती है। |
| स्टैंड-अलोन MOD | ऑटो स्वीप के बिना भी अलग से MODS खाता खोला जा सकता है। |
| अधिकतम निवेश सीमा | कोई अधिकतम सीमा नहीं। |
| ब्याज भुगतान | ब्याज तिमाही आधार पर कंपाउंड होकर मिलता है। |
| सीनियर सिटिजन लाभ | वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज दर का लाभ मिलता है। |
| आंशिक निकासी | पूरी FD तोड़े बिना जरूरत के अनुसार कुछ राशि निकाली जा सकती है। |
| लोन/ओवरड्राफ्ट सुविधा | MODS के बदले लोन या ओवरड्राफ्ट लिया जा सकता है। |
| नामांकन सुविधा | सेविंग अकाउंट में दर्ज नॉमिनी की जानकारी MODS में भी लागू हो जाती है। |
| TDS नियम | ब्याज पर आयकर नियमों के अनुसार TDS लागू होता है। |
| मैच्योरिटी पर भुगतान | अवधि पूरी होने पर राशि अपने आप लिंक्ड सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर हो जाती है। |
किन लोगों के लिए है यह स्कीम
SBI MODS उन लोगों के लिए काम की योजना है जिनके सेविंग अकाउंट में अक्सर अतिरिक्त पैसा पड़ा रहता है और जो उस राशि पर सामान्य बचत खाते की तुलना में अधिक रिटर्न कमाना चाहते हैं। यह स्कीम उन ग्राहकों के लिए भी फायदेमंद है जो एफडी जैसा बेहतर ब्याज चाहते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर अपने पैसे तक आसानी से पहुंच भी बनाए रखना चाहते हैं। इसके अलावा, जो लोग अपने इमरजेंसी फंड को सिर्फ सेविंग अकाउंट में रखने के बजाय बेहतर ब्याज के साथ सुरक्षित रखना चाहते हैं, उनके लिए भी MODS एक अच्छा विकल्प है।
