बिजनेस

सीनियर सिटिजन को 4 साल की FD में 4 लाख जमा करने पर SBI कितने रुपये देगा; देखें पूरी कैलकुलेशन

अगर आप भी एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो एसबीआई की एफडी स्कीम में पैसा लगा सकते हैं। बैंक की ओर से ग्राहकों को एफडी पर आकर्षक ब्याज दरें ऑफर की जा रही हैं।

Image

एसबीआई सीनियर सिटिनज एफडी (Photo: iStock)

SBI FD for Senior Citizens: अगर आप अपने पैसे को सुरक्षित निवेश के साथ निश्चित रिटर्न के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में लगाना चाहते हैं तो ये जानकारी आपके काम की हो सकती है। देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) एफडी पर आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहा है। बैंक अलग-अलग अवधि की एफडी पर ग्राहकों को निश्चित ब्याज का लाभ दे रहा है। खास बात यह है कि सीनियर सिटिजन्स को सामान्य ग्राहकों की तुलना में अधिक ब्याज दर का फायदा मिलता है।

वर्तमान ब्याज दरों के अनुसार, SBI 4 साल की एफडी पर सामान्य नागरिकों को 6.30 प्रतिशत और सीनियर सिटिजन्स को 6.80 प्रतिशत की दर से ब्याज दे रहा है।

4 लाख रुपये की FD पर कितना मिलेगा रिटर्न

SBI Senior Citizen FD

एसबीआई सीनियर सिटिनज एफडी (Photo: iStock)

मान लीजिए कोई व्यक्ति SBI में 4 साल की अवधि के लिए 4 लाख रुपये की एफडी करवाता है। बैंक की मौजूदा ब्याज दरों के आधार पर मैच्योरिटी पर सामान्य नागरिक को 5,13,629 रुपये और सीनियर सिटिजन को 5,23,836 रुपये मिलेंगे। यानी सीनियर सिटिजन को मैच्योरिटी पर सामान्य ग्राहक की तुलना में लगभग 10,207 रुपये अधिक प्राप्त होंगे। यह अंतर केवल अतिरिक्त ब्याज दर के कारण बनता है।

ग्राहक श्रेणीनिवेश राशिअवधिब्याज दरमैच्योरिटी राशि
सामान्य नागरिक₹4,00,0004 साल6.30%₹5,13,629
सीनियर सिटिजन₹4,00,0004 साल6.80%₹5,23,836

2 साल की एफडी में भी लगा सकते हैं पैसा

हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि बैंक की ओर से 2 साल से लेकर 3 साल से कम अवधि तक की एफडी पर सामान्य नागरिकों को 6.40 प्रतिशत और सीनियर सिटिजन्स को 6.90 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है। अगर आप लंबी अवधि की एफडी में निवेश नहीं करना चाहते हैं तो 2 साल की एफडी पर भी अच्छा रिटर्न पा सकते हैं।

सीनियर सिटिजन्स के लिए क्यों फायदेमंद है FD?

सीनियर सिटिजन के लिए एफडी एक लोकप्रिय निवेश विकल्प माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि इसमें निवेश सुरक्षित रहता है और रिटर्न पहले से तय होता है। शेयर बाजार या अन्य जोखिम वाले निवेश विकल्पों की तुलना में एफडी में पूंजी पर जोखिम बेहद कम होता है। इसके अलावा, अतिरिक्त ब्याज दर मिलने से वरिष्ठ नागरिकों को नियमित आय की योजना बनाने में भी मदद मिलती है। यही कारण है कि रिटायरमेंट के बाद कई लोग अपनी बचत का एक बड़ा हिस्सा एफडी में निवेश करना पसंद करते हैं। हालांकि, यह भी ध्यान रखें कि एफडी पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

और पढ़ें
End of Article