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India-Bangladesh Trade: क्रिसिल ने कहा- बांग्लादेश में संकट का भारतीय उद्योगों पर कोई खास असर नहीं

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Sep 17, 2024, 06:14 PM IST

India-Bangladesh Trade: फूटवियर, दैनिक उपभोग का सामान बनाने वाली कुछ कंपनियों की विनिर्माण इकाइयां बांग्लादेश में स्थित होने से उन कंपनियों पर इसका असर पड़ सकता है। क्रिसिल के मुताबिक, बांग्लादेश के साथ भारत का व्यापार अपेक्षाकृत कम है। यह पिछले वित्त वर्ष में इसके कुल निर्यात का 2.5 प्रतिशत और कुल आयात का 0.3 प्रतिशत था।

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India-Bangladesh Trade

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India-Bangladesh Trade: रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने मंगलवार को कहा कि बांग्लादेश के हालिया घटनाक्रम का भारत के कारोबार पर कोई खास असर नहीं हुआ है। भारतीय उद्योग जगत की साख गुणवत्ता पर निकट-अवधि में इसका प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है। क्रिसिल रेटिंग्स ने एक रिपोर्ट में कहा कि बांग्लादेश संकट का प्रभाव उद्योग एवं क्षेत्र-विशेष की बारीकियों और जोखिम के आधार पर अलग-अलग होगा।

फुटवियर बनाने वाली कंपनियों पर पड़ सकता है असर

उसने कहा कि हमें भारत के उद्योग जगत की क्रेडिट गुणवत्ता पर निकट-अवधि में इस घटनाक्रम का प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है। हालांकि लंबे समय तक व्यवधान रहने पर कुछ निर्यात-उन्मुख उद्योगों के राजस्व और कार्यशील पूंजी चक्रों पर असर देखने को मिल सकता है। फुटवियर, दैनिक उपभोग का सामान बनाने वाली कुछ कंपनियों की विनिर्माण इकाइयां बांग्लादेश में स्थित होने से उन कंपनियों पर इसका असर पड़ सकता है। संकट शुरू होने पर इन संयंत्रों को परिचालन चुनौतियों का सामना करना पड़ा था लेकिन अब अधिकांश इकाइयों का परिचालन शुरू हो गया है।

बांग्लादेशी मुद्रा पर नजर

इसके साथ ही क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने कहा कि बांग्लादेशी मुद्रा टका के रुख पर भी नजर रखनी होगी। क्रिसिल के मुताबिक, बांग्लादेश के साथ भारत का व्यापार अपेक्षाकृत कम है। यह पिछले वित्त वर्ष में इसके कुल निर्यात का 2.5 प्रतिशत और कुल आयात का 0.3 प्रतिशत था। भारत से बांग्लादेश को होने वाले वस्तु निर्यात में मुख्य रूप से कपास और सूती धागा, पेट्रोलियम उत्पाद और बिजली शामिल हैं, जबकि आयात में मुख्य रूप से वनस्पति वसा तेल, समुद्री उत्पाद और परिधान शामिल हैं।

पिछले महीने बांग्लादेश में छात्रों के व्यापक प्रदर्शन के बाद अराजकता फैलने से तमाम गतिविधियां ठप पड़ गई थीं। हालांकि, नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का मुखिया बनाने के बाद से हालात सामान्य होने लगे हैं।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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