Bangladesh Railway : बांग्लादेश ने अपनी रेलवे व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भारत से 200 ब्रॉड-गेज (BG) रेल कोच ( broad gauge railway coaches) खरीदने का फैसला किया है। यह जानकारी देश के रेल मंत्री Shaikh Rabiul Alam ने संसद में दी। उन्होंने बताया कि इन कोचों की खरीद के लिए फंडिंग European Investment Bank द्वारा की जा रही है। यह कोच जून 2026 से दिसंबर 2027 के बीच धीरे-धीरे बांग्लादेश रेलवे के बेड़े में शामिल किए जाएंगे।
नए कोच से बढ़ेगी सुविधा और सेवा
The Daily Star की रिपोर्ट के मुताबिक रेल मंत्री ने बताया कि इन नए कोचों के आने से यात्रियों को ज्यादा आरामदायक यात्रा मिलेगी। साथ ही, रेलवे की सेवाओं में भी सुधार होगा। अभी बांग्लादेश में कई रूट्स पर ट्रेन की कमी और भीड़ की समस्या है, जिसे इन कोचों के आने से काफी हद तक कम किया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य है कि रेलवे को ज्यादा आधुनिक और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाया जाए।
नए रूट और ज्यादा ट्रेनें चलाने की योजना
The Daily Star की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश सरकार ने साफ किया है कि जैसे ही ये नए कोच मिलेंगे, उसके बाद नए ट्रेन रूट शुरू किए जाएंगे। खास तौर पर राजधानी ढाका और उत्तरी जिलों के बीच चलने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। फिलहाल इस रूट पर 15 इंटरसिटी ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन नए कोच आने के बाद इसमें बढ़ोतरी की जाएगी ताकि यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।

भारत से 200 रेल कोच मंगाकर बांग्लादेश करेगा रेलवे का कायाकल्प
रेलवे के आधुनिकीकरण पर जोर
बांग्लादेश सरकार रेलवे को आधुनिक बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, भविष्य में 260 और ब्रॉड-गेज कोच, 46 ब्रॉड-गेज लोकोमोटिव और 50 मीटर-गेज लोकोमोटिव खरीदने की योजना है। इससे न केवल यात्री सेवाओं में सुधार होगा बल्कि माल ढुलाई (फ्रेट) से होने वाली कमाई भी बढ़ेगी।
रेलवे नेटवर्क का विस्तार
बांग्लादेश रेलवे अपने नेटवर्क को भी तेजी से बढ़ा रहा है। नए ब्रॉड-गेज और ड्यूल-गेज ट्रैक बनाए जा रहे हैं ताकि देश के अलग-अलग हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके। वर्तमान में बांग्लादेश का कुल रेलवे नेटवर्क 3,428 किलोमीटर से ज्यादा लंबा है। इसमें 1,591 किलोमीटर मीटर-गेज, 1,066 किलोमीटर ब्रॉड-गेज और 770 किलोमीटर ड्यूल-गेज ट्रैक शामिल हैं।
भारत-बांग्लादेश संबंध मजबूत
भारत से कोच खरीदने का यह फैसला दोनों देशों के बीच मजबूत होते संबंधों को भी दर्शाता है। रेलवे सहयोग के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापार, यात्रा और कनेक्टिविटी को और बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में यह साझेदारी दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय विकास के लिए भी अहम साबित हो सकती है।
