West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उर्दू में अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया है। जिसके बाद वहां सियासी वाक युद्ध छिड़ गया है। भाजपा ने इसे भुनाते हुए सीएम ममता के इस कदम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा ने टीएमसी पर भाषाई और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि यह एजेंडा शरिया कानून से जुड़ा हुआ है और पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश जैसा बनाने की एक सोची-समझी योजना के तहत काम किया जा रहा है।
गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी के खिलाफ खोला मोर्चा
पटना में शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी ने केवल उर्दू में घोषणापत्र जारी नहीं किया है, बल्कि इसके पीछे एक छिपा हुआ एजेंडा भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एजेंडा शरिया कानून से जुड़ा हुआ है। वे पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश जैसा बनाने की एक सोची-समझी योजना के तहत काम कर रही हैं। राज्य के लोगों खासतौर पर हिंदू समुदाय ने उनके वास्तविक चेहरे को पहचान लिया है।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इस बार का चुनाव पश्चिम बंगाल के लिए जीओ या मरो की स्थिति जैसा बन गया है। उनका दावा है कि राज्य की जनता इस बार निर्णायक भूमिका निभाएगी और ऐसी नीतियों के खिलाफ मतदान करेगी।
ममता बनर्जी पर तुष्टिकरण के आरोप
इससे पहले, गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को भी सीएम ममता बनर्जी की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि अपने 15 साल के कार्यकाल में ममता बनर्जी ने सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति की है और जनता के सामने किसी भी गंभीर मुद्दे पर चर्चा नहीं की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि सीएम ममता बनर्जी गरीबी, बेरोजगारी, हिंसा और दुष्कर्म से जुड़े मामलों पर न तो बात करती हैं और न ही कभी भी जवाब देती हैं।
दो चरणों में होना है बंगाल चुनाव
गौरतलब है कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 15 मार्च 2026 को पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित किया। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में, 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और 29 अप्रैल को 142 सीटों पर, मतदान होगा। वहीं, वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
