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Bajaj Housing Finance: क्या आपको भी नहीं मिला Bajaj Housing Finance का 114 फीसदी रिटर्न, जानें क्या अब पैसा लगाने का सही समय या नहीं

Bajaj Housing Finance: बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर सोमवार को 150 रुपये पर लिस्ट हुए, जो आईपीओ प्राइस 70 रुपये से 114 प्रतिशत अधिक है। इसके तुरंत बाद, शेयर में और तेजी आई और यह 164.99 रुपये पर ऊपरी सर्किट पर पहुंच गया। एनएसई डेटा के अनुसार बजाज हाउसिंग फाइनेंस का बाजार पूंजीकरण 1.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।

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बजाज हाउसिंग फाइनेंस शेयर।

Photo : Twitter

Bajaj Housing Finance: लंबे समय में अच्छा रिटर्न पाना एक स्किल भरा काम होता है। लेकिन ये सब के बस की बात नहीं होती है। वहीं IPO के जरिए शेयर मिलना लक की बात होती है। इस समय सबसे ज्यादा चर्चा बजाज हाउसिंग फाइनेंस में हुए मल्टीबैगर रिटर्न की हो रही है। इसने निवेशकों को 114 फीसदी का बंपर रिटर्न दिया है। वहीं लिस्टिंग के बाद इसने 9 फीसदी का रिटर्न दिया है। ऐसे जिन लोगों ने इस शेयर में पैसे नहीं लगाए हैं उनके मन में सवाल उठ रहे हैं क्या अभी इस शेयर में पैसे लगाना उचित होगा या नहीं।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर 165 रुपये के ऊपरी सर्किट पर पहुंचे

बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर सोमवार को 150 रुपये पर लिस्ट हुए, जो आईपीओ प्राइस 70 रुपये से 114 प्रतिशत अधिक है। इसके तुरंत बाद, शेयर में और तेजी आई और यह 164.99 रुपये पर ऊपरी सर्किट पर पहुंच गया। एनएसई डेटा के अनुसार बजाज हाउसिंग फाइनेंस का बाजार पूंजीकरण 1.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।

अब 1.37 लाख करोड़ रुपये के प्राइस पर, बजाज हाउसिंग के शेयरों में अब 6x का प्राइस-टू-बुक (P/B) मल्टीपल है, जिसके बारे में एनालिस्ट का कहना है कि इससे हाई अपसाइड कैपेसिटी की बहुत कम गुंजाइश है और इसलिए IPO में हाई वैल्युएशन पर स्टॉक का पीछा करने से बचना चाहिए।

क्या है एक्सपर्ट की राय

दलाल स्ट्रीट के दिग्गज निवेशक चकरी लोकप्रिय ने कहा, "लोन के रेट और सर्विस की क्वॉलिटी के अलावा, हाउसिंग फाइनेंस एक कमोडिटी बिजनेस है। इसलिए मैं अभी खरीदने की कोशिश करने के बजाय अन्य हाउसिंग कंपनियों - पीएनबी हाउसिंग , एलआईसी हाउसिंग को खरीदना पसंद करूंगा। अगर आप इतने भाग्यशाली हैं कि आपको आईपीओ मिल गया है, तो मैं लिस्टिंग पर विक्रेता बन जाऊंगा।" 3.2 लाख करोड़ रुपये की अब तक की सबसे अधिक बोलियां प्राप्त करके, 6,560 करोड़ रुपये के आईपीओ को 63.61 गुना सब्सक्राइब किया गया और लगभग 89 लाख निवेशक कतार में इंतजार कर रहे थे।

मेहता इक्विटीज के प्रशांत तापसे ने कहा, "लिस्टिंग के बाद, हम रूढ़िवादी निवेशकों को लाभ बुकिंग का विकल्प चुनने की सलाह देते हैं, क्योंकि लिस्टिंग लाभ हमारी उम्मीदों से कहीं ज्यादा है, जबकि लंबी अवधि वाले निवेशक के लिए इसे बनाए रख सकते हैं क्योंकि कंपनी के अच्छी स्थिति वाले व्यवसाय मॉडल को देखते हुए सेक्टर का दृष्टिकोण बहुत आशावादी बना हुआ है। हमारा मानना है कि एक सेक्टर के रूप में हाउसिंग अगले 3-4 वर्षों में अच्छा प्रदर्शन करना जारी रखेगा और बजाज हाउसिंग इस सेक्टर का नेतृत्व करने के अवसर का लाभ उठा सकता है।"

डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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