Non AC Trains: रेल मंत्री पीयूष गोयल का ऐलान- 1 जून से चलेंगी नॉन एसी ट्रेन, जल्द शुरू होगी ऑनलाइन बुकिंग

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 20, 2020, 07:36 AM IST

Non AC Trains: रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि कि रेलवे 1 जून से समय सारणी के हिसाब से रोजाना 200 गैर वातानुकूलित ट्रेनों का परिचालन करेगा, इन ट्रेनों के लिए बुकिंग ऑनलाइन तरीके से होगी।

Non AC Trains: रेल मंत्री पीयूष गोयल का ऐलान- 1 जून से चलेंगी नॉन एसी ट्रेन, जल्द शुरू होगी ऑनलाइन बुकिंग

नई दिल्ली: रेल मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की है कि 1 जून से प्रतिदिन 200 नॉन एसी ट्रेन (Non AC Trains) चलना शुरू हो जाएगा और इसकी ऑनलाइन बुकिंग जल्दी ही शुरू होगी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'भारतीय रेल 1 जून से टाइम टेबल के अनुसार प्रतिदिन 200 नॉन एसी ट्रेन चलाएगा जिसकी ऑनलाइन बुकिंग शीघ्र ही शुरू होगी।'

इसके अलावा उन्होंने कहा, 'राज्य सरकारों से आग्रह है कि श्रमिकों की सहायता करें तथा उन्हें नजदीकी मेनलाइन स्टेशन के पास रजिस्टर कर, लिस्ट रेलवे को दें, जिससे रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाए। श्रमिकों से आग्रह है कि वो अपने स्थान पर रहें, बहुत जल्द भारतीय रेल उन्हें गंतव्य तक पहुंचा देगा।'

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि श्रमिकों के लिए बड़ी राहत, आज के दिन लगभग 200 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चल सकेंगी, और आगे चलकर ये संख्या बड़े पैमाने पर बढ़ पाएगी। 

इससे पहले श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में प्रवासी मजदूरों की यात्रा को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच विवाद के बाद मंगलवार को रेलवे ने कहा क  ऐसी ट्रेनों के परिचालन के लिए गंतव्य राज्यों की सहमति की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए इन ट्रेनों को चलाने के वास्ते रेलवे के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की जिसमें कहा गया कि गृह मंत्रालय से चर्चा के बाद रेल मंत्रालय श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए मंजूरी देगा।

एसओपी जारी होने के कुछ घंटे बाद रेलवे के प्रवक्ता राजेश दत्त बाजपेई ने कहा, 'श्रमिक विशेष ट्रेनों को चलाने के लिए उन राज्यों की सहमति की आवश्यकता नहीं है जहां यात्रा समाप्त होनी है। नई एसओपी के बाद उस राज्य की सहमति लेना अब आवश्यक नहीं है जहां ट्रेन का समापन होना है।'

रेल मंत्रालय ने दो मई को जारी दिशा-निर्देशों में कहा था कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए रवानगी स्थल वाले राज्य को गंतव्य राज्य से अनुमति लेनी होगी और इसकी एक प्रति ट्रेन के प्रस्थान करने से पहले रेलवे को भेजनी होगी। नई एसओपी के बाद अब गंतव्य राज्य से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। 

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