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UPI MDR पर GST लगाने की खबर को सरकार ने बताया अफवाह! कमियां दूर करने का किया वादा

सरकार MDR व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन पर बारीकी से नजर रखेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मर्चेंट MDR शुल्क का बोझ सीधे ग्राहकों पर न डालें। इस व्यवस्था की निगरानी के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि नए नियमों का जमीनी स्तर पर किस तरह पालन हो रहा है। किसी तरह की समस्या सामने आने पर उसे दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।

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15 अक्टूबर से MDR लागू, कैश लेनदेन बढ़ने की उम्मीद नहीं

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UPI पेमेंट पर GST लगाए जाने की खबरों के बीच सरकारी सूत्रों ने इसे झूठी अफवाह बताया है। समाचार एजेंसी ANI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि UPI पर लागू होने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर किसी तरह का दबाव नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, GST से जुड़ा मामला इनपुट टैक्स क्रेडिट में समायोजित किया जाएगा। अगर कोई समस्या सामने आती है, तो GST काउंसिल उस पर विचार करेगी।

15 अक्टूबर से MDR लागू, कैश लेनदेन बढ़ने की उम्मीद नहीं

सरकारी सूत्रों ने कहा कि 15 अक्टूबर को MDR व्यवस्था लागू होने के बाद UPI लेनदेन में गिरावट की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। सरकार का मानना है कि MDR लागू होने के कारण नकद लेनदेन में बड़ी बढ़ोतरी नहीं होगी। सूत्रों के अनुसार, अभी तक नकद लेनदेन में किसी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी के संकेत नहीं दिखे हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों को लागू करने में सामने आने वाली कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए पेमेंट एग्रीगेटर्स के साथ बातचीत की गई है।

ग्राहकों पर चार्ज न पड़े, सरकार रखेगी नजर

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार MDR व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन पर बारीकी से नजर रखेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मर्चेंट MDR शुल्क का बोझ सीधे ग्राहकों पर न डालें। इस व्यवस्था की निगरानी के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि नए नियमों का जमीनी स्तर पर किस तरह पालन हो रहा है। किसी तरह की समस्या सामने आने पर उसे दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।

शेयर बाजार में MDR पर भी सरकार का स्पष्टीकरण

सरकारी सूत्रों ने शेयर बाजार में MDR चार्ज लागू करने के फैसले को लेकर भी जानकारी दी है। उनके अनुसार, यह निर्णय काफी विचार-विमर्श के बाद लिया गया था। 0.02 प्रतिशत MDR चार्ज लागू करने से पहले SEBI, स्टॉक एक्सचेंजों और संबंधित हितधारकों के साथ बातचीत की गई थी।

18-19 सितंबर को वित्त मंत्रियों का सम्मेलन

वित्त मंत्रालय 18 और 19 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में राज्यों और विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों और वित्त सचिवों के लिए सम्मेलन आयोजित करेगा। इसका विषय 'विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा के लिए वित्त-पोषण' रखा गया है। सम्मेलन में केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़े वित्तीय मुद्दों और सहयोग पर चर्चा करना है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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