Flipkart ने विशाल मेगा मार्ट से मिलाया हाथ, देश के 240 शहरों में करेगी होम डिलीवरी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 20, 2020, 11:27 AM IST

Flipkart Home delivery : चौथे लॉकडाउन के दिशानिर्देश के बीच फ्लिपकार्ट देश भर के 240 शहरों में जरूरी वस्तुओं की होम डिलिवरी के लिए विशाल मेगा मार्ट के साथ हाथ मिलाया है।

Flipkart ने विशाल मेगा मार्ट से मिलाया हाथ, देश के 240 शहरों में करेगी होम डिलीवरी

नई दिल्ली : कोरोना वायरस महामारी की वजह से दुनिया की अर्थव्यवस्था में उथल पुथल मची हुई है। इस अवसर का फायदा उठाने के लिए दुनिया भर की कंपनियां जी जान से जुट गई हैं। ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट जिसे वालमार्ट ने खरीद लिया था। उसने जरूरी चीजों की होम डिलिवरी के लिए विशाल मेगा मार्ट के साथ हाथ मिलाया है। कंपनी की यह सर्विस बेंगलुरू, हैदराबाद, कोलकाता, दिल्ली-एनसीआर, पटना, गुवाहाटी, अमृतसर, जालंधर, जयपुर और बरेली समेत 26 शहरों में उपलब्ध होगी। कंपनी अगले चार हफ्ते में इस सेवा को 240 शहरों तक बढ़ाने के प्लान पर काम कर रही है।

365 से अधिक स्टोर पर ऑर्डर कर सकेंगे ग्राहक
कंपनी ने कहा कि इस साझेदारी के तहत ग्राहक 365 से अधिक विशाल मेगामार्ट स्टोर पर ऑर्डर कर सकेंगे। फ्लिपकार्ट उन्हें घर पर सामान पहुंचाएगा। फ्लिपकार्ट ने इसके लिए अपने मंच पर अलग से विशाल मेगा मार्ट एसेंशियल करके पेज बनाया है। ग्राहक विशाल के खुद के ब्रांड समेत अन्य ब्रांड के आटा, चावल, तेल, दाल इत्यादि का ऑर्डर कर सकते हैं।

लॉकडाउन के दिशानिर्देशों का करेंगे पालन
लॉकडाउन को लेकर फ्लिपकार्ट ग्रुप प्रवक्ता ने कहा था कि हम विभिन्न राज्यों के दिशानिर्देशों के अनुसार काम जारी रखेंगे। प्रवक्ता ने कहा था कि कंपनी भारत में लाखों छोटे-मझोले उद्योगों और विक्रेताओं के साथ काम कर रही है और अपनी सेवाओं और सप्लाई सीरीज तथा वितरण कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रक्रियाओं का पालन कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी लॉकडाउन से बाहर निकलने के लिए केंद्र और राज्यों सरकारों के प्रयासों और कटेंटमेंट जोन को छोड़कर अन्य सभी अधिसूचित क्षेत्रों में ई-कॉमर्स की इजाजत देने का स्वागत करती है। 

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार चौथे लॉकडाउन के दौरान जिन सेवाओं को रोक लगाया गया है, उन्हें छोड़कर अन्य सभी गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी।हालांकि कटेंटमेंट जोन में सिर्फ मूलभूत सेवाओं की इजाजत ही दी जाएगी।
 

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