GST काउंसिल की 44वीं बैठक में कोविड-19 संबंधित सामानों पर कटौती का फैसला- एंबुलेंस पर 12%, वैक्सीन पर 5% GST

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 12, 2021, 04:33 PM IST

GST Council meeting: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज जीएसटी परिषद की 44वीं बैठक हुई। इस बैठक में कोविड-19 से संबंधित जरूरी सामानों पर कर कटौती का फैसला किया गया।

GST काउंसिल की 44वीं बैठक में कोविड-19 संबंधित सामानों पर कटौती का फैसला- एंबुलेंस पर 12%, वैक्सीन पर 5% GST
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नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज जीएसटी काउंसिल की 44वीं बैठक की अध्यक्षता की। इसके बाद उन्होंने बताया कि बैठक में क्या-क्या फैसले लिए गए। सीतारमण ने बताया कि एंबुलेंस पर जीएसटी की दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत किया गया है। जीएसटी परिषद में टीके पर पांच प्रतिशत की कर दर को कायम रखने पर सहमति बनी है। जीएसटी परिषद ने रेमडेसिविर पर कर की दर को 12 से घटाकर पांच प्रतिशत करने की सहमति दी है। टोसिलिमैब, एम्फोटेरिसिन पर कोई कर नहीं लगेगा। जीएसटी परिषद ने मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, बीआईपीएपी मशीनों, ऑक्सीजन कन्सनट्रेटर, वेंटिलेटर, पल्स ऑक्सीमीटर पर कर की दर 12 से घटाकर पांच प्रतिशत की। बिजली की भट्टियों और तापमान जांच उपकरणों पर जीएसटी को घटाकर 5% किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि ये दरें जीओएम द्वारा अनुशंसित अगस्त अंत की तुलना में सितंबर तक वैध रहेंगी। उत्पादों की 4 श्रेणियों- दवाओं, ऑक्सीजन, ऑक्सीजन-उत्पादन उपकरण, टेस्टिंग किट और अन्य मशीनों और अन्य कोविड 19 संबंधित राहत सामग्री के लिए जीएसटी दरें तय की गई हैं। दरें जल्द घोषित की जाएंगी। 

उन्होंने कहा कि टीकों पर 5% जीएसटी रहेगा। केंद्र घोषणा के अनुसार 75% वैक्सीन खरीदेगा और उसका जीएसटी भी चुकाएगा। लेकिन जीएसटी से होने वाली आय का 70% राज्यों के साथ साझा किया जाएगा। इसके अलावा, ब्लैक फंगस की दवा पर कर को शून्य कर दिया गया है। यह राहत इस साल सितंबर तक दी जाएगी और राहत बढ़ाने का फैसला उसी महीने जीएसटी बैठक के दौरान लिया जाएगा। 

जीएसटी परिषद की पिछली बैठक 28 मई को हुई थी जिसमें कोविड- 19 टीके और चिकित्सा सामग्री की दरों में बदलाव नही किया गया था। उस समय भाजपा और विपक्ष शासित राज्यों में इस बात को लेकर मतभेद उभरे थे कि क्या कर कटौती का लाभ आम लोगों तक पहुंच पाएगा। कोविड-19 से संबंधित आवश्यक सामान पर दरों का सुझाव देने के लिए मंत्री समूह का गठन किया गया था।

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