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RBI action on NBFC: Paytm के बाद RBI का इन 'बैंकों' पर एक्शन, तीन के रजिस्ट्रेशन रद्द, नौ NBFC ने सरेंडर किए लाइसेंस

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Feb 11, 2024, 12:12 PM IST

RBI action on NBFC: एक अन्य नोटिफिकेशन में RBI ने कहा कि नौ एनबीएफसी और एक हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ने अपना लाइसेंस सरेंडर किया है।

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भारतीय रिजर्व बैंक।

RBI action on NBFC: पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Paytm Bank) पर कार्रवाई के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अब RBI ने तीन गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों (NBFC) के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को कैंसिल कर दिया है। इन तीन NBFC में भारथु इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस इंडिया, कॉक्स एंड किंग्स फाइनेंशियल सर्विस और पीएसपीआर एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। एक अन्य नोटिफिकेशन में RBI ने कहा कि नौ एनबीएफसी और एक हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ने अपना लाइसेंस सरेंडर किया है। जिसमें रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड भी शामिल है। कंपनी ने हाउसिंग फाइनेंस इंस्टीट्यूशन बिजनेस से बाहर निकलने के बाद लाइसेंस सरेंडर करने का निर्णय लिया है।

कौन-कौन से NBFC ने किया सरेंडर

नौ NBFC में से एसएमआईएलई माइक्रोफाइनेंस, जेएफसी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड, कावेरी ट्रेडफिन प्राइवेट लिमिटेड और गिन्नी ट्रेडफिन लिमिटेड ने कारोबार से बाहर होने के बाद अपना लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं। इसी तरह, जेजी ट्रेडिंग एंड इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड, एसके फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड, माइक्रोफर्म कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड, बोहरा एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड और महिको ग्रो फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड ने अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए।

आरबीआई ने क्या कहा

इससे पहले रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एम राजेश्वर राव ने कहा था कि NBFC के लिए बैंक लाइसेंस मांगना अस्वाभाविक है। राव ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि NBFC को पहले ही कुछ नियामकीय लाभ हासिल हैं। राव ने छोटी राशि के कर्ज देने वाले ऋणदाताओं पर इस बात के लिए निशाना साधा कि नियामक ने उन्हें ब्याज दरों पर जो आजादी दी है, वे उसका दुरुपयोग करके अधिक ब्याज वसूलते हैं।

चेतावनी भी दी

उन्होंने सीधे लोन देने वाले प्लेटफॉर्म पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनकी कुछ बिजनेस एक्टविटी लाइसेंसिंग गाइडलाइन के हिसाब से नहीं हैं और यह स्पष्ट किया कि ऐसे उल्लंघन स्वीकार्य नहीं हैं। डिप्टी गवर्नर ने एनबीएफसी से बैंकों में परिवर्तित होने की मांग के बारे में भी बात की और कहा कि एनबीएफसी को कुछ फायदे मिलते हैं। राव ने कहा- NBFC कुछ खास आर्थिक कार्य करने वाली विशिष्ट कंपनियों के रूप में विकसित हुई हैं और बैंक जैसा बनने की मांग करना उनके लिए अस्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि आरबीआई अधिक संख्या में NBFC को जमा स्वीकार करने की अनुमति देने के पक्ष में नहीं है।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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