National Highways पर कोहरे से निपटने के लिए NHAI ने बनाया ये मास्टरप्लान, सर्दियों में सुरक्षित होगी ड्राइविंग
- Authored by: यतींद्र लवानिया
- Updated Dec 22, 2025, 04:56 PM IST
देशभर के तमाम हाईवे और एक्सप्रेसवे पर कोहरे की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं। कोहरे की वजह से दृश्यता कम होना इन हादसों की सबसे बड़ी वजह होती है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कोहरे की चुनौती से निपटने के लिए इंजीनियरिंग उपायों के साथ ही जनजागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है। इस योजना को NHAI खासतौर पर उन जगहों पर लागू करेगा, जहां हर साल घना कोहरा रहता है।
कोहरा सर्दियों में हादसों के पीछे सबसे बड़ा कारण बनता है। (इमेज क्रेडिट, कैन्वा)
National Highways Authority of India (NHAI) ने सर्दियों के मौसम में घने कोहरे से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर व्यापक सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। इन कदमों का मकसद कम विजिबिलिटी की स्थिति में सड़क सुरक्षा बढ़ाना और यात्रियों के लिए जोखिम कम करना है। टाइम्स ड्राइव की रिपोर्ट के मुताबिक यह व्यवस्था खासतौर पर उन हाईवे सेक्शनों पर लागू की जा रही है जहां हर साल घना कोहरा देखने को मिलता है।
विजिबिलिटी सुधार पर फोकस
इंजीनियरिंग स्तर पर NHAI ने फील्ड टीमों को खराब या गायब रोड साइन और रोड स्टड्स को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। फीके पड़ चुके लेन मार्किंग को दोबारा पेंट किया जा रहा है और अहम जगहों पर रिफ्लेक्टिव मार्कर लगाए जा रहे हैं ताकि रात और कोहरे में सड़क साफ दिखे। इसके अलावा मेटल बीम क्रैश बैरियर और अन्य सेफ्टी डिवाइसेज पर रिफ्लेक्टिव येलो स्टिकर लगाए जा रहे हैं। हाईवे कंस्ट्रक्शन जोन में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं, जिनमें बैरिकेड्स, डायवर्जन साइन और मीडियन ओपनिंग पर सोलर-पावर्ड ब्लिंकर शामिल हैं।
ड्राइवर्स को रियल टाइम अलर्ट
ड्राइवर्स को कोहरे की स्थिति से अवगत कराने के लिए इलेक्ट्रॉनिक साइनबोर्ड और वैरिएबल मैसेज साइन (VMS) के जरिए फॉग अलर्ट और स्पीड लिमिट दिखाई जा रही है। जहां कोहरा ज्यादा रहता है वहां पब्लिक एड्रेस सिस्टम का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। NHAI रेडियो, इलेक्ट्रॉनिक बिलबोर्ड और सोशल मीडिया के जरिए भी सेफ्टी मैसेज साझा कर रहा है। साथ ही वाहन चालकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप का इस्तेमाल करें ताकि कोहरे में वाहन दूर से नजर आ सकें।
निरीक्षण और इमरजेंसी सपोर्ट
NHAI ने फील्ड टीमों को साप्ताहिक नाइट इंस्पेक्शन करने को कहा है, ताकि विजिबिलिटी की स्थिति का आकलन हो सके और जोखिम वाले पॉइंट्स की पहचान की जा सके। घने कोहरे वाले हिस्सों में हाईवे पेट्रोल वाहन तैनात किए जाएंगे, जो ब्लिंकिंग बैटन के जरिए ट्रैफिक को गाइड करेंगे। हाईवे पर काम करने वाले सभी अधिकारी और कर्मचारी रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिस, एंबुलेंस सर्विस और स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बढ़ाया जा रहा है। फॉग से जुड़ी आपात स्थितियों से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ जॉइंट ड्रिल भी की जाएंगी।
हाईवे यूजर्स के लिए NHAI की सलाह
NHAI ने वाहन चालकों को कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए खास एडवाइजरी जारी की है। ड्राइवर्स को लेन ड्राइविंग का पालन करने, आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और 30 किमी प्रति घंटे या उससे कम स्पीड पर वाहन चलाने की सलाह दी गई है ताकि समय पर ब्रेक लगाया जा सके। इसके अलावा हेडलाइट और टेललाइट ऑन रखकर ड्राइव करने, हाईवे पर अनधिकृत जगहों पर वाहन पार्क न करने, केवल ट्रक ले-बे और वे-साइड अमेनिटीज में ही रुकने और कंस्ट्रक्शन साइट व डायवर्जन के पास अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। कमर्शियल वाहनों में पूरी चौड़ाई में रिफ्लेक्टिव टेप लगाने की सलाह दी गई है, जिसमें वाहन के आगे सफेद और पीछे लाल रंग का टेप शामिल है। इन उपायों के जरिए NHAI का लक्ष्य सर्दियों के दौरान कोहरे से जुड़ी दुर्घटनाओं में कमी लाना और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।