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सरकार ने चार महीने के लिए पेश की नई, 500 करोड़ रुपये होंगे ईवी पर खर्च

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Mar 14, 2024, 12:31 PM IST

इलेक्ट्रिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय ने चार महीनों के लिए एक नई स्कीम पेश की है। 31 मार्च को खत्म हो रही फेम-2 सब्सिडी खत्म होगी या जारी रहेगी, इसकी आधिकारिक जानकारी सरकार ने उपलब्ध नहीं कराई है।

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नरेन्द्र मोदी सरकार देश में ई-परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। - भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडे

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • ईवी के लिए आई नई परियोजना
  • चार महीने के लिए पेश हुई स्कीम
  • 50,000 रुपये तक मिलेगा फायदा

भारी उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को देश में ई-परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना की घोषणा की। अप्रैल, 2024 से जुलाई, 2024 तक (चार महीने) के लिए चलने वाली इस योजना पर 500 करोड़ रुपये का खर्च होगा। नई परियोजना दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए है। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने और विनिर्माण कार्यक्रम का दूसरा चरण (फेम-2) 31 मार्च, 2024 को समाप्त हो रहा है। भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने ई-परिवहन संवर्द्धन योजना 2024 (ईएम पीएस 2024) की घोषणा करते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार देश में ई-परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

ई-रिक्शा पर बड़ा फायदा

योजना के तहत प्रति दोपहिया वाहन के लिए 10,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य लगभग 3.3 लाख दोपहिया वाहनों को सहायता प्रदान करना है। छोटे तिपहिया वाहनों (ई-रिक्शा और ई-कार्ट) की खरीद के लिए 25,000 रुपये तक की सहायता दी जाएगी। ऐसे 41,000 से अधिक वाहनों को शामिल किया जाएगा। बड़ा तिपहिया वाहन खरीदने पर 50,000 रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी। फेम-2 के तहत सब्सिडी 31 मार्च, 2024 तक या धन उपलब्ध होने तक बेचे जाने वाले ई-वाहनों के लिए पात्र होगी।

24.66 करोड़ की परियोजना

इससे पहले भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान- रुड़की ने नवाचार को प्रोत्साहित करने और ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्षेत्र को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मिलकर काम करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। मंत्रालय द्वारा प्रदान किए गए कुल 19.87 करोड़ रुपये के अनुदान और उद्योग भागीदारों के अतिरिक्त 4.78 करोड़ रुपये के योगदान के साथ कुल परियोजना लागत 24.66 करोड़ रुपये है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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