Self Driving Cars: हम सभी को लगता था कि भविष्य में उड़ने वाली कारें होंगी। अब दुनिया में कुछ एक जगहों पर ऐसी कारें मौजूद हैं जो उड़ सकती हैं। साथ ही उड़ने की क्षमता रखने वाली अन्य कारों के टेस्ट भी किये जा रहे हैं। हमने यह भी सोचा था कि फ्यूचर में शायद ऐसी कारें होंगी जो बिना ड्राईवर के चल पाएंगी। टेस्ला के ऑटोपायलट और अन्य कंपनियों के जबरदस्त क्रूज सिस्टम और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की मदद से अपने आप चलने वाली कारें भी सामने आ रही हैं। लेकिन अपने आप चलने वाली कारों की दौड़ में सबसे आगे गूगल है। जी हां, चौंकिए नहीं गूगल के वेमो कार ड्राइविंग सिस्टम की बदौलत अमेरिका के कुछ शहरों में बिना ड्राईवर के टैक्सी चल रही हैं।
क्या है वेमो?
गूगल की पैरेंट कंपनी एल्फाबेट ने सेल्फ ड्राइविंग कार यानी अपने आप चलने वाली कारों के कई टेस्ट के बाद वेमो की शुरुआत की है। वेमो एक सिस्टम है जो कारों को बिना ड्राईवर के चलने में मदद करता है। आइये जानते हैं वेमो किस प्रकार की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कारों को बिना ड्राईवर के चलने में मदद करता है।
LIDAR: इस कार में लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग फीचर मौजूद है जो कार के आस-पास मौजूद माहौल की एक 3D पिक्चर कंप्यूटर तक भेजता है।
कैमरे: कार के चारों तरफ कैमरे मौजूद हैं जिनसे कार को रियलटाइम में 360 डिग्री व्यू मिलता है। इन्हीं कैमरों की बदौलत कंप्यूटर सड़क पर मौजूद निशानों और ट्रैफिक साइनों की पहचान करता है।
रेडार: इस कार में रेडार भी मौजूद है जिससे यह किसी ऑब्जेक्ट की दूरी तय करके अपनी स्पीड एडजस्ट करती है। यह रेडार फॉग, बारिश और अन्य मुश्किल परिस्थितियों में भी सटीक रूप से काम करता है।
दो कंप्यूटर: कार में दो कंप्यूटर मौजूद हैं। एक कंप्यूटर पूरी तरह से कार को चलने और रुकने के आदेश देता है। जबकि एक कंप्यूटर दूसरे वाले कंप्यूटर के फेल होने की स्थिति में कार को कंट्रोल में लेता है।
