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गूगल की बिना ड्राईवर वाली कार को कैलिफोर्निया ने दी मंजूरी, इन शहरों में खुद चलेंगी कारें

हम सभी को लगता था कि भविष्य में उड़ने वाली कारें होंगी और ऐसी कारें भी होंगी जो बिना ड्राईवर के अपने आप चला करेंगी। गूगल की पैरेंट कंपनी एल्फाबेट ने अपने वेमो ड्राईवर की मदद से इस सपने को हकीकत में बदल दिया है। दुनिया के कुछ हिस्सों में गूगल की ये बिना ड्राईवर वाली कार चल रही है। आइये जानते हैं इस कार के बारे में और उन शहरों के बारे में जहां ये कारें चलती हैं।

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बिना ड्राईवर के चलती है गूगल की ये कार, जानिए किन शहरों में मिलती है सुविधा

Photo : BCCL

Self Driving Cars: हम सभी को लगता था कि भविष्य में उड़ने वाली कारें होंगी। अब दुनिया में कुछ एक जगहों पर ऐसी कारें मौजूद हैं जो उड़ सकती हैं। साथ ही उड़ने की क्षमता रखने वाली अन्य कारों के टेस्ट भी किये जा रहे हैं। हमने यह भी सोचा था कि फ्यूचर में शायद ऐसी कारें होंगी जो बिना ड्राईवर के चल पाएंगी। टेस्ला के ऑटोपायलट और अन्य कंपनियों के जबरदस्त क्रूज सिस्टम और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की मदद से अपने आप चलने वाली कारें भी सामने आ रही हैं। लेकिन अपने आप चलने वाली कारों की दौड़ में सबसे आगे गूगल है। जी हां, चौंकिए नहीं गूगल के वेमो कार ड्राइविंग सिस्टम की बदौलत अमेरिका के कुछ शहरों में बिना ड्राईवर के टैक्सी चल रही हैं।

क्या है वेमो?

गूगल की पैरेंट कंपनी एल्फाबेट ने सेल्फ ड्राइविंग कार यानी अपने आप चलने वाली कारों के कई टेस्ट के बाद वेमो की शुरुआत की है। वेमो एक सिस्टम है जो कारों को बिना ड्राईवर के चलने में मदद करता है। आइये जानते हैं वेमो किस प्रकार की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कारों को बिना ड्राईवर के चलने में मदद करता है।

LIDAR: इस कार में लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग फीचर मौजूद है जो कार के आस-पास मौजूद माहौल की एक 3D पिक्चर कंप्यूटर तक भेजता है।

कैमरे: कार के चारों तरफ कैमरे मौजूद हैं जिनसे कार को रियलटाइम में 360 डिग्री व्यू मिलता है। इन्हीं कैमरों की बदौलत कंप्यूटर सड़क पर मौजूद निशानों और ट्रैफिक साइनों की पहचान करता है।

रेडार: इस कार में रेडार भी मौजूद है जिससे यह किसी ऑब्जेक्ट की दूरी तय करके अपनी स्पीड एडजस्ट करती है। यह रेडार फॉग, बारिश और अन्य मुश्किल परिस्थितियों में भी सटीक रूप से काम करता है।

दो कंप्यूटर: कार में दो कंप्यूटर मौजूद हैं। एक कंप्यूटर पूरी तरह से कार को चलने और रुकने के आदेश देता है। जबकि एक कंप्यूटर दूसरे वाले कंप्यूटर के फेल होने की स्थिति में कार को कंट्रोल में लेता है।

इन शहरों में चलता है वेमो

हाल ही में कैलिफोर्निया ने गूगल की बिना ड्राईवर के चलने वाली वेमो को सैन फ्रांसिस्को, फिनिक्स और लॉस एंजेल्स जैसे शहरों में चलने की मंजूरी दे दी है। कुछ समय पहले जब कंपनी ने सरकार से इजाजत मांगी थी तब सरकार ने मना कर दिया था। जिसके बाद दक्षिणी सैन फ्रांसिस्को और सैन माटो जैसे शहरों ने इसका विरोध किया था।
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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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