पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ी हुई हैं। ऐसे में गाड़ी में ईंधन भरवाते समय छोटी सी लापरवाही भी जेब पर भारी पड़ सकती है। अक्सर लोग पेट्रोल पंप पर पहुंचते ही कर्मचारी से अपनी जरूरत के हिसाब से पेट्रोल या डीजल भरने के लिए कहते हैं और मशीन पर जीरो देखकर दूसरी तरफ ध्यान देने लगते हैं।
हालांकि, ग्राहक को सिर्फ मशीन पर जीरो देखकर संतुष्ट नहीं होना चाहिए। ईंधन भरते समय मशीन पर दिखाई देने वाली मात्रा और रकम को भी ध्यान से देखना चाहिए। अगर आप पेट्रोल पंप में लापरवाही बरतते हैं तो इससे अपना नुकसान करा सकते हैं। आइए आपको उन बातों के बारे में बताते हैं जिन पर ईधन भराते समय ध्यान रखना है।
सबसे पहले मशीन का जीरो चेक करें
जब पेट्रोल या डीजल भरना शुरू किया जाए तो मशीन की डिस्प्ले पर पहले से कोई रकम या मात्रा दर्ज नहीं होनी चाहिए। कर्मचारी को मीटर को शून्य यानी 0.00 पर लाना चाहिए। गर मशीन पर पहले से कोई रकम या मात्रा दिखाई दे रही है, तो तुरंत कर्मचारी से मीटर को जीरो करने के लिए कहें। जीरो हुए बिना ईंधन भरवाना शुरू न करें।
सिर्फ जीरो नहीं, मीटर की रीडिंग भी देखें
मान लीजिए आपने 1,000 रुपये का पेट्रोल भरवाने के लिए कहा है। ऐसी स्थिति में पेट्रोल भरते समय मशीन पर बढ़ती हुई रकम और लीटर की मात्रा दोनों पर नजर रखी जा सकती है। मशीन पर आमतौर पर दो तरह की जानकारी दिखाई देती है - कितने रुपये का पेट्रोल या डीजल भरा गया और कितने लीटर ईंधन दिया गया?ईंधन भरने के बाद इन दोनों रीडिंग को देखना जरूरी है। इससे आपको पता चलता है कि आपके बताए गए रुपये के हिसाब से कितनी मात्रा में ईंधन दिया गया।
डेंसिटी का भी रखें ध्यान
डेंसिटी का सीधा मतलब है कि पेट्रोल या डीजल कितना शुद्ध है। यह आपकी गाड़ी के इंजन की परफॉर्मेंस और तेल की सही मात्रा से सीधा संबंध रखती है। अगर पेट्रोल या डीजल में किसी तरह की मिलावट की गई होगी, तो उसकी डेंसिटी तय मानकों से अलग नजर आएगी।कीमत का भी रखें ध्यान
पेट्रोल पंप पर मशीन में प्रति लीटर कीमत भी दिखाई जाती है। ग्राहक को यह भी देख लेना चाहिए कि मशीन पर दिखाई जा रही कीमत उस समय लागू कीमत से मेल खाती है या नहीं। अगर आपको कीमत को लेकर कोई संदेह है तो कर्मचारी से स्पष्ट रूप से पूछें। पेट्रोल पंप पर लगी रेट डिस्प्ले या अन्य आधिकारिक जानकारी से भी कीमत की पुष्टि की जा सकती है।कर्मचारी और मशीन पर रखें नजर
ईंधन भरते समय बहुत ज्यादा व्यस्त या मोबाइल में व्यस्त रहने से बचें। कोशिश करें कि आपकी नजर मशीन की स्क्रीन पर रहे। अगर कर्मचारी अचानक मीटर बंद कर देता है, रीडिंग बदलती हुई नजर आती है या आपको लगता है कि मशीन की प्रक्रिया सामान्य नहीं है, तो तुरंत सवाल पूछें।ईधन भरवाने की रसीद जरूर लें
ईंधन भरवाने के बाद रसीद लेना भी अच्छी आदत है। रसीद में आमतौर पर ईंधन की मात्रा, कीमत और कुल भुगतान जैसी जानकारी होती है। रसीद को कुछ समय तक संभालकर रखने से बाद में किसी तरह की समस्या होने पर आपके पास लेन-देन का रिकॉर्ड भी रहता है।पेट्रोल पंप पर शक होने पर क्या करें?
अगर आपको लगता है कि पेट्रोल पंप पर सही मात्रा में ईंधन नहीं दिया गया या मशीन की रीडिंग में गड़बड़ी है, तो पहले मौके पर ही शिकायत करें और संबंधित अधिकारी से बात करें। ग्राहक को जरूरत पड़ने पर मात्रा की जांच या माप संबंधी सुविधा के बारे में भी पूछना चाहिए। शिकायत करते समय पेट्रोल पंप का नाम, स्थान, तारीख, समय, वाहन की जानकारी और रसीद जैसी चीजें सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है।हर कम माइलेज धोखाधड़ी का सबूत नहीं
गाड़ी का माइलेज कम होने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि पेट्रोल पंप ने कम ईंधन दिया है। ट्रैफिक, टायर का दबाव, गाड़ी की स्थिति, ड्राइविंग स्टाइल, एसी का इस्तेमाल और सड़क की स्थिति जैसे कई कारणों से भी माइलेज बदल सकता है। इसलिए केवल माइलेज कम मिलने के आधार पर पेट्रोल पंप पर धोखाधड़ी का आरोप लगाने के बजाय पहले मशीन की रीडिंग और बिल जैसी चीजों की जांच करना बेहतर है।पेट्रोल भरवाते समय याद रखें ये बातें
- मशीन को ईंधन भरने से पहले जीरो पर जरूर देखें।
- मशीन पर दिखाई दे रही लीटर और रुपये की रीडिंग पर नजर रखें।
- प्रति लीटर कीमत की जांच करें।
- ईंधन भरने के बाद अंतिम रीडिंग देखें।
- संभव हो तो रसीद जरूर लें।
- किसी भी गड़बड़ी का संदेह होने पर उसी समय कर्मचारी या पंप प्रबंधन से बात करें।
- शिकायत की जरूरत पड़े तो रसीद और दूसरी जरूरी जानकारी सुरक्षित रखें।
