काला ही क्यों होता है टायर, किसी और रंग का क्यों नहीं? दंग कर देने वाले हैं फायदे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 21, 2022, 10:09 AM IST

कार खरीदते समय आप भले ही कलर चुनते होंगे, लेकिन टायर्स खरीदने समय कोई निर्माता आपको काले के अलावा किसी और रंग का टायर नहीं देता. क्योंकि सभी टायर्स का रंग काला होता है, लेकिन क्या आप इसके पीछे की वजह जानते हैं?

काला ही क्यों होता है टायर, किसी और रंग का क्यों नहीं? दंग कर देने वाले हैं फायदे

Why Color of Tyre Is Always Black: जब भी आप कोई कार खरीदने वाले होते हैं तो आप कार का रंग चुनते हैं, उसपर बातचीत होती है, रंग फाइनल होता है और अंत में चुने गए रंग की कार खरीदते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि टायर खरीदते समय ऐसा क्यों नहीं होता? क्योंकि हर कंपनी के टायर का रंग काला होता है और इसके पीछे कई वजहें हैं कि कार के टायर का रंग हमेशा काला ही क्यों होता है. तो इस खबर में हम आपको पूरी जानकारी दे रहे हैं कि किसी भी वाहन के टायर का रंग हमेशा काला ही क्यों होता है.

पहले सफेद होते थे कार के टायर्स

आप में से ज्यादातर लोगों के ये जानकारी नहीं होगी कि करीब 125 साल पहले टायर का रंग सफेद होता था. इन्हें रबर से बनाया जाता था जो कि दूधिया रंग की होती है. तो फिर आज हमें काले रंग के टायर्स क्यों मिलते हैं? जवाब है.. सफेद टायरों का असली मटेरियल बहुत मजबूत नहीं होता था और ऑटोमोबाइल के हिसाब से ये कारगर नहीं थे, इसके अलावा वाहनों का प्रदर्शन भी इससे काफी प्रभावित होता था. ऐसे में टायर को मजबूती देने का काम शुरू हुआ और इसकी उम्र बढ़ाने के लिए इसे बनाते समय कार्बन ब्लैक मटेरियल का इस्तेमाल हुआ.

काले रंग के टायर हो गए मजबूत

टायर को मजबूत बनाने और उसकी उम्र बढ़ाने के लिए कार के टायर्स में जो कार्बन मिलाया जाता है, वो पूरी कार से गर्मी को दूर रखता है. भरी गर्मी में जब सड़क बहुत गर्म होती है तो भी ये टायर पिघलता नहीं है और सही तरह काम करता रहता है. इसके अलावा टायर में मिले ये कर्बन एलिमेंट इतना काम ही नहीं करते, बल्कि ओजोन और अल्ट्रावॉयलेट जैसी खतरनाक रेडिएशन से भी बचे रहने में मदद करता है.

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