कृषि

किसानों की आय कैसे बढ़ेगी? शिवराज सिंह चौहान ने बताया- क्या करना चाहिए

Farmers Income: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार सृजन और विदेशी मुद्रा कमाने के लिए भारत को फल और सब्जियों का निर्यात बढ़ाना होगा।

Image

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का किसानों की आय बढ़ाने के लिए फल और सब्जियों के निर्यात पर जोर (तस्वीर-PIB)

Farmers Income : केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने कहा है कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए भारत को फल और सब्जियों का निर्यात बढ़ाना होगा। उनका मानना है कि अगर भारतीय फल और सब्जियां ज्यादा मात्रा में विदेशों में बिकेंगी, तो किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और देश को विदेशी मुद्रा की भी अधिक कमाई होगी। उन्होंने यह बात लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय ‘फ्रूट होराइजन 2026’ कार्यक्रम के दौरान कही।

‘फ्रूट होराइजन 2026’ का उद्देश्य

कृषि मंत्री ने बताया कि ‘फ्रूट होराइजन 2026’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश में फलों का उत्पादन बढ़ाना, उनकी गुणवत्ता सुधारना और खाद्य प्रसंस्करण व्यवस्था को मजबूत बनाना है। सरकार चाहती है कि भारत के किसान आधुनिक तकनीक अपनाएं और ऐसी फसलें उगाएं जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक मांग हो। इसके साथ ही फलों और सब्जियों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और बेहतर पैकेजिंग की सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में किसान, निर्यातक, खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कारोबारी और वैज्ञानिक संस्थाएं एक साथ शामिल हुई हैं। इससे सभी लोग मिलकर इस क्षेत्र की समस्याओं और संभावनाओं पर चर्चा कर सकेंगे।

भारत फलों का बड़ा उत्पादक

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत दुनिया में कई तरह के फलों का प्रमुख उत्पादक है। खासकर आम के मामले में भारत की पहचान पूरी दुनिया में है। उन्होंने कहा कि भारतीय आम की गुणवत्ता और स्वाद का कोई मुकाबला नहीं है। इसके अलावा भारत अंगूर, केला और लीची जैसे फलों के उत्पादन में भी दुनिया के प्रमुख देशों में शामिल है। हालांकि उन्होंने चिंता जताई कि इतने बड़े उत्पादन के बावजूद भारत का निर्यात अभी भी काफी कम है। उन्होंने कहा कि दुनिया के बड़े बाजारों में भारतीय फलों और सब्जियों की अच्छी मांग हो सकती है, लेकिन इसके लिए गुणवत्ता, पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करना जरूरी है।

किसानों को होगा सीधा फायदा

कृषि मंत्री ने कहा कि अगर फल और सब्जियों का निर्यात बढ़ता है तो इसका सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलेगा। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा खेती, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज, परिवहन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें बाजार और निर्यात से भी जोड़ा जाए। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

सरकार और वैज्ञानिक संस्थाएं मिलकर करेंगी काम

चौहान ने बताया कि सरकार ने इस दिशा में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और अन्य संस्थाओं को भी साथ जोड़ा है। इन संस्थाओं की मदद से किसानों को नई तकनीक, बेहतर बीज और आधुनिक खेती के तरीके उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कई समस्याएं ऐसी हैं जिन्हें तुरंत हल किया जा सकता है, जबकि कुछ चुनौतियों के समाधान के लिए लंबे समय तक शोध की जरूरत होगी। सरकार किसानों और निर्यातकों के सामने आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि भारतीय फल और सब्जियां दुनिया के बड़े बाजारों तक पहुंचें। इसके लिए गुणवत्ता सुधार, बेहतर भंडारण व्यवस्था और निर्यात प्रक्रिया को आसान बनाने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत कृषि निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा और इसका सीधा लाभ देश के किसानों को मिलेगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article