Substandard Seeds Case: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) से नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के धार और खरगोन जिले के किसानों ने मुलाकात की। किसानों ने बताया कि करेला की फसल में उन्हें भारी नुकसान हुआ है, क्योंकि उन्होंने जो बीज और रोपे खरीदे थे, वे अमानक निकले। किसानों की बात सुनते ही केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने इसे बहुत गंभीर मामला माना और कहा कि यह किसानों की आजीविका पर सीधा असर डालता है। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिलाया जाए।
अमानक बीज से फसल को नुकसान
पीआईबी की रिपोर्ट के मुताबिक किसानों ने बताया कि हमने नवंबर 2025 में अलग-अलग नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से बीज और रोपे खरीदे थे। ये बीज Nunhems India Private Limited के बताए गए थे। लेकिन जब फसल तैयार होने लगी, तो उसमें कई समस्याएं सामने आईं। करेला के फल छोटे रह गए, उनका रंग पीला हो गया और वे जल्दी गिरने लगे। इससे उत्पादन काफी कम हो गया और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
जांच में सामने आई गड़बड़ी
फसल खराब होने के बाद किसानों ने 17 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद कृषि वैज्ञानिकों और संबंधित अधिकारियों ने जांच की। जांच में शुरुआती तौर पर यह पाया गया कि किसानों को जो बीज और रोपे दिए गए थे, वे मानकों के अनुसार नहीं थे। यानी अमानक बीजों को प्रमाणित बताकर बेचा गया था। यही कारण रहा कि फसल ठीक से नहीं हो पाई।

शिवराज सिंह ने दिया स्पष्ट संदेश- किसानों के साथ धोखा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा (तस्वीर-PIB)
मंत्री के निर्देश के बाद तेज कार्रवाई
जब किसानों ने अपनी समस्या सीधे मंत्री के सामने रखी, तो शिवराज सिंह चौहान ने तुरंत सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ फसल खराब होने का मामला नहीं है, बल्कि किसानों की मेहनत, पैसे और भरोसे से जुड़ा मुद्दा है। उनके निर्देश के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई की और धार जिले के मनावर थाने में कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई।
कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज
एफआईआर में Nunhems India Private Limited को आरोपी बनाया गया है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएं 318(4) और 324(5), आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराएं 3 और 7, तथा बीज अधिनियम 1966 की धारा 19 के तहत केस दर्ज किया गया है। अब पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।
किसानों को मिलेगा मुआवजा
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन किसानों को नुकसान हुआ है, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। इसके लिए मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया को तेज करने को कहा गया है। साथ ही, दोषी कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया है।
सरकार का सख्त संदेश
शिवराज सिंह चौहान ने साफ कहा कि किसानों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग घटिया या नकली बीज बेचकर किसानों को नुकसान पहुंचाते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। सरकार इस मामले में किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।
पहले भी दिए हैं सख्त निर्देश
केंद्रीय मंत्री पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि किसानों के हित सबसे ऊपर हैं। उन्होंने नकली और घटिया बीज, कीटनाशकों और अन्य कृषि उत्पादों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि किसानों की मेहनत और भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा।
किसानों का बढ़ा भरोसा
इस पूरे घटनाक्रम से किसानों में भरोसा बढ़ा है कि उनकी आवाज सरकार तक पहुंच रही है और उस पर तुरंत कार्रवाई भी हो रही है। धार और खरगोन के किसानों का यह मामला इस बात का उदाहरण है कि सही समय पर शिकायत करने से न्याय मिल सकता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
